वर्ष 2018 की मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा पोर्टल द्वारा करायी जाएगी

Anil Ankur

Publish: Sep, 16 2017 08:34:48 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
वर्ष 2018 की मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा पोर्टल द्वारा करायी जाएगी

 मदरसा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए उनके वेतन, मानदेय आदि का भुगतान किया जायेगा

लखनऊ. अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती मोनिका एस गर्ग ने अवगत कराया है कि मुख्यमंत्रयोगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप मदरसा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा मदरसा प्रणाली के उन्नयन की दिशा में मदरसा पोर्टल एक प्रभावी कदम है। इस पोर्टल का शुभारम्भ 18 अगस्त, 2017 को अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चैधरी द्वारा किया गया। यह पोर्टल ीजजचरूध्ध्उंकंतेंइवंतकण्नचेकबण्हवअण्पद रिकाॅर्ड टाइम में और बहुत कम खर्च में विकसित किया गया है।
पोर्टल का मुख्य उद्देश्य प्रक्रियाओं के सरलीकरण के साथ-साथ मदरसा शिक्षा प्रणाली में उत्तरदायित्व एवं पारदर्शिता लाना है। यह आॅन-लाइन पोर्टल प्रदेश के समस्त मदरसों को एक नदपपिमक मबव.ेलेजमउ से जोड़ने का प्रयास है। प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से मदरसे के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अनुदान, वेतन, मानदेय आदि का भुगतान च्थ्डै के माध्यम से किया जायेगा ताकि शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो तथा उनका शोषण न हो।
प्रमुख सचिव ने बताया कि मदरसे नवीन मान्यता, अनुदान, आधुनिकीकरण योजना आदि से सम्बन्धित आवेदन इसी पोर्टल के माध्यम से करेंगे ताकि पारदर्शिता बनी रहे। वर्ष 2018 की मदरसा शिक्षा परिषद की परीक्षा भी इसी पोर्टल द्वारा सम्पन्न करायी जाएगी जिससे समय की बचत होगी। इससे अभ्यर्थियों के आवेदन की प्रक्रिया सरल हो जायेगी तथा परीक्षाफल भी समय से घोषित किये जा सकेंगे।
मान्यता एवं सहायता प्राप्त तहतानियां, फौक़ानियां, आलिया, उच्च आलिया स्तर के मदरसों से सम्बन्धित सूचनायें इसी नवीन पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगी। सभी शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विवरण आधार डिटेल के साथ प्रबन्धतंत्र द्वारा अपलोड किया जायेगा। इसके अतिरिक्त मदरसे में उपलब्ध सुविधाआंे का विवरण भी दिया जायेगा। साफ्टवेयर के माध्यम से टीचर्स/स्टाफ की डुप्लीकेसी चेक हो जायेगी कि अलग-अलग मदरसों में एक ही स्टाफ कार्यरत न हो। इसके फलस्वरूप निर्धारित मानकों के अनुसार मदरसों में टीचर्स की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी जिससे शिक्षा गुणवत्ता में सुधार होगा। इसे छात्रवृत्ति पोर्टल से जोड़कर छात्रों की डुप्लीकेसी भी चेक की जाएगी। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ अधिकाधिक लक्षित समूह को मिल पाएगा।

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