Makar Sankranti 2018 : यूपी के इन स्थानों पर कल लगाएं डुबकी, धुल जाएंगे सारे पाप

Mahendra Pratap

Publish: Jan, 13 2018 04:50:25 (IST) | Updated: Jan, 15 2018 11:18:51 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
Makar Sankranti 2018 : यूपी के इन स्थानों पर कल लगाएं डुबकी, धुल जाएंगे सारे पाप

Makar Sankranti 2018 : मकर संक्रान्ति के पर्व पर महिलाएं बिठूर, त्रिवेणी संगम प्रयाग, सरयू, ओरछा और काशी आदि स्थानों पर डुबकी लगाएंगी।

Makar Sankranti 2018 : मकर संक्रांन्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति 15 जनवरी दिन सोमवार को है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाई जा रही है। इस मकर संक्रान्ति के पर्व पर महिलाएं अपने परिवार की सुख और समृद्धि के लिए बिठूर , त्रिवेणी संगम प्रयाग, सरयू, ओरछा और काशी आदि स्थानों पर स्नान करके या डुबकी लगाकर पूजा की जा रही है। जिससे उनके सारे पाप धुल जाएंगे और परिवार पर किसी भी तरह से कोई परेशानी नहीं आएगी।

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इस मास में 15 जनवरी को जब सूर्य मकर राशि पर आएगा तभी यह पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। यह त्योहार जनवरी माह के चौदहवें और पन्द्रहवें दिन ही पड़ता है क्योंकि इसी दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है।

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तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक करें दान

मान्यता के अनुसार मकर संक्राति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेगा। मकर संक्रांति को भारत के कई राज्यों के स्थानों पर खिचड़ी के रूप में भी मनाई जाएगी। इसलिए मकर संक्रांति के दिन कई स्थानों पर खिचड़ी खाने का भी प्रचलन है। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का भोग भी लगाया जाएगा। इसके अलावे इस दिन तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक आदि के दान करने से लोंगो सुख और समृद्धि की प्राप्ति होगी और तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक आदि का प्रसाद भी लोंगो में बांटकर एक दूसरों को शुभकामनाएं दें जिससे आपके सारे पाप धुल जाएंगे। इस दिन सुबह- सुबह पवित्र नदी में स्नान कर तिल और गुड़ से बनी वस्तु को पूजा करने के बाद खाने की परंपरा भी है।

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पंण्डित दिलीप दुवे ने बताया कि इस बार स्‍नान-दान और पूजन के लिए पुण्यकाल सिर्फ 3 घंटे 53 मिनट तक ही रहेगा। 15 जनवरी दिन सोमवार को दोपहर 1.45 बजे सूर्य का धनु से मकर राशि में प्रवेश होगा। इस दिन सूर्य अस्त शाम 5.38 बजे होगा। इसके चलते श्रद्धालुओं को स्‍नान-दान के लिए पुण्यकाल 3 घंटे 53 मिनिट की अवधि के लिए रहेगा। ज्योतिर्विद् के मुताबिक पर्व का वाहन भैसा, घोड़ा और उपवाहन ऊंट होने से व्यापारियों के लिए लाभदायक स्थिति निर्मित होगी।

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