डकैती की वारदातों से हुआ यूपी डीजीपी ओपी सिंह का स्वागत, मलिहाबाद में तीसरी डकैती, एक की हत्या

लखनऊ में चार दिन के अंदर मलिहाबाद में पड़ी तीसरी डकैती, बदमाशों ने डकैती के दौरान पूर्व प्रधान के बेटे को पीट-पीट मार डाला।

By: Dhirendra Singh

Published: 23 Jan 2018, 05:03 PM IST

Lucknow, Uttar Pradesh, India

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के नए डीजीपी ओमप्रकाश सिंह का स्वागत यूपी की राजधानी में डकैती और हत्या की ताबड़तोड़ वारदातों के साथ हुआ है। लखनऊ पुलिस काकोरी और चिनहट में हुई डकैती और हत्या की वारदात सुलझा भी नहीं पाई थी कि डीजीपी के चार्ज लेने से चंद घंटे पहले मलिहाबाद में दो घरों पर डकैतों ने धावा बोल दिया। लाखों की लूट के साथ डकैतों ने दो लोगों पर जानलेवा हमला भी किया। इसमें पूर्व प्रधान के बेटे की डकैतों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं एक अन्य को गोली मार दी, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। देर रात हुई घटना में पुलिस फिलहाल खाली हाथ है। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने लगातार हुई इन डकैतियों पर यूपी पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर लताड़ लगाई।

पूर्व प्रधान के घर धावा, बेटे को पीट-पीट मार डाला

मलिहाबाद सरावा गांव में सोमवार देर रात करीब तीन बजे पूर्व प्रधान परमेश्वर रावत के घर पर हथियारबंद छह-सात डकैतों ने धावा बोल दिया। पुलिस के मुताबिक बदमाश घर में छत के रास्ते दाखिल हुए थे। इसके बाद डकैतों ने पूरे परिवार को कमरों में कैद कर दिया। लेकिन परमेश्वर का बेटा श्यामू उनसे भीड़ गया। इस पर डकैतों ने बंदूक की बाट से उसे जमीन पर गिराकर बहुत बुरी तरह से पीटा। डकैतों ने उसके पास घर में मौजूद पांच लाख रुपये लूट लिए। इसके बाद उसकी पत्नी के दो लाख रूपये के जेवर भी अपने कब्जे में ले लिए। विरोध करने पर डकैतों ने परिवार के अन्य लोगों को भी लहूलुहान कर दिया। गंभीर रुप से घायल श्यामू को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां गंभीर चोट के कारण इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

दरवाजा नहीं खोला तो मार दी गोली

पूर्व प्रधान के घर डकैती की वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत गांव छोड़कर भागे नहीं बल्कि उन्होंने दूसरे घर पर धावा बोल दिया। डकैत उसी गांव के छत्रपाल यादव के घर पहुंचे। डकैत जबरन दरवाज तोड़ने लगे। इस पर छत्रपाल ने दरवाज तोड़ने से रोकने का प्रयास किया, तो डकैतों ने उनके पैर में गोली मार दी। इसके बाद डकैतों गांव के करीब स्थित कस्बे मुंशीगंज में भी वारदात को अंजाम दिया। जहां पर उन्होंने डकैती के दौरान कई महिलाओं को घायल किया। फिलहाल छत्रपाल यादव का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।

नहीं रुक रही डकैती की वारदात

इससे पहले गत 21 जनवरी को लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र के बनियाखेड़ा और कटौली गांव में डकैती की वारदातों को अंजाम दिया गया। यहां एक-एक कर डकैतों ने तीन घरों में डकैती डाली थी। लूट का विरोध करने पर बदमाशों ने कटौली ग्राम प्रधान के बेटे की गोली मार हत्या कर दी थी। वहीं कई अन्य लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे।

इससे पूर्व डकैतों ने 18 जनवरी को चिनहट के उत्तर धोना गांव में देर रात डकैतों ने एक घर पर धावा बोला और तीन लोगों को गोली मार दी थी। यहीं नहीं जाते-जाते घर से दो नाबालिग बहनों को भी अगवा कर ले गए थे। लेकिन कुछ घंटे बाद दोनों बहने घर से कुछ दूरी पर बदहवास हाल में मिली थी।

सीएम योगी ने लगाई अधिकारियों की क्लास

लखनऊ में अचानक बढ़ी अपराधिक गतिविधियों से नाराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को एनेक्सी में पुलिस अधिकारियों की बैठक बुलाई। सीएम योगी ने लखनऊ जोन के अधिकारियों को जल्द से जल्द सभी वारदातों में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।

जल्द होगी अपराधियों की गिरफ्तारी

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया कि इन वारदातों के पीछे एटा और तिर्वा गैंग के बदमाशों को चिन्हित किया गया है। सभी वारदातों में संलिप्त अपराधियों की गिरफ्तारी करते हुए, जल्द खुलासा किया जाएगा।

डकैती की वारदात से गरमाई राजनीति

लखनऊ में लगातार हो रही डकैती और हत्या की वारदातों से राजनीति भी गरमा गई है। वर्तमान यूपी सरकार पर विपक्षी पार्टियों ने हमला करना शुरु कर दिया है। काकोरी में हुए डकैती व हत्या की वारदात के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के नुकसान की भरपाई करें।

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