
पत्नी से मिलाने के लिए साली ने रखी शर्त
लखनऊ. भारतीय शादियों में अक्सर लड़की के पिता उसके ससुराल वालों को दहेज के रूप में कार, ज्वेलरी, बाइक आदि देते हैं। लड़की के पिता अपनी ओर से शगुन में भी इस तरह की चीजें देते हैं। कई लोग इसे रस्म अदायगी का हिस्सा मानकर पूरा करते हैं। लेकिन लखनऊ में तैनात सेना के एक जवान ने शादी में कोई बड़ा उपहार या दहेज न लेकर लोगों को बड़ा संदेश दिया है। तीन साल तक कारगिल में तैनात विवेक कुमार ने जब शादी की तो उन्होंने शगुन के नाम पर सिर्फ एक रुपये और नारियल लिया। यह देखकर सभी को हैरानी हुई मगर उन्होंने दहेज की कूप्रथा को समाप्त करने का बड़ा संदेश दिया।
शगुन में लिया एक रुपया और नारियल
गंगोह क्षेत्र के गांव जुखेड़ी निवासी संजय कुमार के पुत्र विवेक कुमार की शादी 30 नवंबर को शामली के गांव बीनडा में अरविंद कुमार पुत्र सतपाल सिंह चैहान की स्नातक पुत्री प्रिया के साथ संपन्न हुई थी। शादी में वधू पक्ष द्वारा कई लाख की धनराशि दहेज में दी गई, मगर दूल्हे ने बतौर शगुन केवल एक रुपए और नारियल ही स्वीकार कर दहेज के लालची लोगों को सबक सिखाने का काम किया। उसने दुल्हन को ही दहेज बताया। दुल्हन ने भी पति के इस कदम को सराहा और उसका स्वागत किया।
लोगों ने सराहा विवेक का फैसला
विवेक कुमार तीन साल से सेना में तैनात हैं। 15 नवंबर, 2017 में उनकी लखनऊ में नियुक्ति हुई थी। उन्होंने इससे पहले भी एक साल पूर्व सगाई की रस्म के दौरान भी विवेक ने तब भी मोटी धनराशि को नकारकर एक रुपए मात्र ही लिया था। पिता संजय ने बेटे के इस फैसले को सराहते हुए दहेज की सामाजिक बुराई को खत्म करने के कदम का स्वागत किया है।
Published on:
02 Dec 2020 10:36 am
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