दोबारा न हो कानपुर जैसा बिकरू कांड, यूपी में बनेगी पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट हैंडबुक, तय होंगे सभी के दायित्व

बहुचर्चित बिकरू कांड की गूंज आज भी यूपी पुलिस महकमे में तहलका मचा देती है। दो जुलाई, 2020 को कानपुर के बिकरू में हुए हादसे ने यूपी पुलिस के बीच हड़कंप मचा दिया था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके गुर्गों की गोली से आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

By: Karishma Lalwani

Published: 05 Dec 2020, 11:57 AM IST

कानपुर. बहुचर्चित बिकरू कांड की गूंज आज भी यूपी पुलिस महकमे में तहलका मचा देती है। दो जुलाई, 2020 को कानपुर के बिकरू में हुए हादसे ने यूपी पुलिस के बीच हड़कंप मचा दिया था। हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे और उसके गुर्गों की गोली से आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे। बिकरू जैसी घटना दोबारा न हो इसके लिए यूपी पुलिस महकमे में कुछ व्यापक बदलाव और जोड़ किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में जल्द पुलिस मैनेजमेंट हैंडबुक बनाई जाएगी। यह एक ऐसी पुस्तिका होगी, जो गाइडलाइन का काम करेगी। बता दें कि बिकरू कांड को लेकर एसआईटी की जांच जारी है। प्रतिदिन विकास दुबे व उसके साथियों से जुड़े नए तथ्य सामने निकल कर आ रहे हैं।

क्या है पुलिस मैनेजमेंट बुक

एसआईटी ने पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट बुक में थाने पर पुलिसकर्मियों की पदवार जिम्मेदारियों को दर्ज किए जाने के साथ ही कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने व पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले डीजीपी के निर्देशों व उनके सभी सर्कुलर को भी शामिल किए जाने की सिफारिश की गई है। एसआईटी ने थानों पर बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए हैं। इनके तहत ही पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट बुक बनाकर उसमें किसी घटना के बाद की जाने वाली कार्रवाई को विस्तार से बताए जाने को कहा गया है। इसमें यह बताया गया है कि किसी घटना के बाद थानाध्यक्ष से लेकर दारोगा, मुंशी व सिपाही तक की जिम्मेदारी क्या होगी और किसी लापरवाही व अनदेखी के लिए किसकी जवाबदेही तय होगी। संबंधित घटना के बाद किस स्तर पर क्या कार्रवाई की जाएगी, अगर आरोपित कोर्ट से बरी हो गया है तो उसमें पुलिस की चूक अथवा अनदेखी किस स्तर पर हुई और उसके लिए कौन जिम्मेदार है, किसी मामले में आरोपपत्र अगर वापस किया गया है और कोर्ट में दाखिल किए जाने से पहले उसमें कोई बदलाव किया गया तो यह किस स्तर से हुआ, आदि विषयों की भी जानकारी दी जाएगी।

यह नियम भी बुक में होंगे शामिल

आरोपितों के विरुद्ध अगर शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने से लेकर अन्य अहम कार्रवाई नहीं की गई तो उसमें चूक किस स्तर पर हुई। विवेचक के अतिरिक्त अन्य संबंधित अधिकारियों की भी भूमिका तय की जाए। ऐसे कई प्रमुख बिंदुओं पर जवाबदेही तय किए जाने की सिफारिश की गई है। शासन स्तर पर पुलिस सुधार के बिंदुओं पर मंथन के बाद उसे परीक्षण के लिए रूल्स एंड मैनुअल में भेजा जाएगा।

तय होंगे सभी के दायित्व

पुस्तिका में जॉब कार्ड बनाकर उसमें एडीजी जोन, डीआईजी व आईजी रेंज, एएसपी, एसएसपी, सीओ, इंसपेक्टर, दरोहा, हेड कांस्टेबल की जिम्मेदारियां भी तय होंगी।

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