2020 में सपा को बहुत बड़ा झटका लगना तय, बसपा-कांग्रेस को भी होगा नुकसान, फायदे में रहेगी बीजेपी

- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी को इसी वर्ष बड़ा झटका लगना तय है
- 2020 में राज्यसभा से रिटायर होंगे यूपी 10 सांसद, सबसे ज्यादा 6 सपा के
- मुश्किल से एक ही नेता को राज्यसभा भेज पाएगी सपा, बीजेपी को होगा फायदा

हरिओम द्विवेदी
लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियों में जुटी समाजवादी पार्टी को इस वर्ष बड़ा झटका लगेगा। वर्ष 2020 में सपा के 06 सदस्यों का राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल खत्म हो रहा है, जिनमें से पार्टी बमुश्किल एक नेता को ही राज्यसभा भेज पाएगी। अकेले समाजवादी पार्टी ही नहीं कांग्रेस के एक और बहुजन समाज पार्टी के दो राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। राज्यसभा की यह सभी सीटें बीजेपी के खाते में जानी तय हैं। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अकेले दम पर 311 सीटें जीती थीं, जबकि 09 सीटों पर सहयोगी पार्टी अपना दल (सोनेलाल) के पास हैं। समाजवादी पार्टी के पास 47, बसपा के पास 19 और कांग्रेस के पास 07 सीटें हैं। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के एक सदस्य को जिताने के लिए कम से कम 37 सीटों की दरकार होगी।

राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के कोटे की 31 सीटें हैं, जिनमें से सबसे अधिक सीटों पर बीजेपी का कब्जा है। वर्तमान में बीजेपी के 15, सपा के 09, बसपा के 04 और कांग्रेस के 02 सांसद हैं। सपा से निकाले जाने के बाद अमर सिंह निर्दलीय सांसद हैं। वर्ष 2020 सपा के 05, बसपा के 02, कांग्रेस और बीजेपी के 01-01 सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। सबसे बड़ा झटका सपा को लगने जा रहा है। 2020 के बाद राज्यसभा में उसकी सदस्य संख्या महज 04 रहने की उम्मीद है। उच्च सदन में उत्तर प्रदेश से पहले सबसे ज्यादा सदस्य (14) समाजवादी पार्टी के थे लेकिन, अमर सिंह से शुरू हुए पलायन के बाद से सपा के सांसदों की संख्या लगातार कम होती गई, जो अब 09 (अमर सिंह को छोड़कर) पर पहुंच गई है। 2020 के बाद यह संख्याबल और कम हो जाएगा।

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रामगोपाल को फिर मिल सकता है मौका
वर्ष 2020 में समाजवादी पार्टी के जिन सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो रहा है, उनमें सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव और दिग्गज सपा नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा शामिल हैं। सपा इनमें से किसी एक को ही फिर से राज्यसभा भेज सकेगी। और यह नाम प्रोफेसर रामगोपाल यादव का हो सकता है।

उच्च सदन में कम होगा बसपा का संख्या बल
2020 में बसपा के दो सांसद उच्च सदन से रिटायर हो रहे हैं। इनमें वीर सिंह एडवोकेट और राजाराम के नाम शामिल हैं। यूपी विधानसभा में बसपा 19 विधायक हैं। ऐसे में वह किसी भी सदस्य को फिर से राज्यसभा नहीं भेज पाएगी। इसके बाद राज्यसभा में बसपा की कुल सदस्य संख्या 03 रह जाएगी।

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सिर्फ कपिल सिब्बल ही बचेंगे
वर्तमान में उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा से 02 सांसद हैं। इनमें से एक पीएल पुनिया 2020 में रिटायर हो रहे हैं। यूपी विधानसभा में कांग्रेस के 07 विधायक हैं। ऐसे में पार्टी राज्य से किसी को पुनिया की खाली हुई सीट पर नहीं भेज सकेगी। इसके बाद यूपी से कांग्रेस के सिर्फ कपिल सिब्बल ही सांसद बचेंगे।

बीजेपी का बढ़ेगा संख्याबल
वर्ष 2020 में बीजेपी के अरुण सिंह की राज्यसभा सीट रिक्त जाएगी, जो तंजीम फातिमा के इस्तीफे के बाद निर्विरोध चुनकर उच्च सदन में पहुंचे हैं। बीजेपी उन्हें फिर से राज्यसभा भेज सकती है। इसके बाद यूपी से बीजेपी के राज्यसभा सदस्यों की संख्या 23 हो सकती है।

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2020 में इनका खत्म हो रहा कार्यकाल
कांग्रेस : पीएल पुनिया
बीजेपी : अरुण सिंह
बसपा : वीर सिंह, राजाराम
सपा : चन्द्रपाल सिंह यादव, रवि प्रकाश वर्मा, बेनी प्रसाद वर्मा, विशम्भर प्रसाद निषाद, जावेद अली खान, प्रोफेसर रामगोपाल यादव।

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