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पाना है जीवन में ख़ुशी और सम्मान करें यह पूजा ! 

आज का राशिफ़ल , जाने कैसा रहेगा 

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Ritesh Singh

Jul 13, 2017

Mata Laxmi Vishnu

Mata Laxmi Vishnu

लखनऊ , कहते हैंकि जीवन के सारे सुख पाने के लिए माता लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करनी चाहिए क्योकि इनकी पूजा अर्चना से जीवन के बहुत से उतार चढ़ाव से राहत मिलती हैं और मन सम्मान भी मिलता हैं | पंडित शक्ति मिश्रा ने बतायाकि कल पंचमी, कृष्ण पक्ष श्रावण, दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।लाभ में व्यापार करें ।रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।

आज का राशिफ़ल , जाने कैसा रहेगा

देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।,
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत्।।

मेष
यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली होगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यस्तता रहेगी। धनार्जन होगा।

वृष
योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी।

मिथुन
धार्मिक आस्‍था बढ़ेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। विवाद न करें।

कर्क
वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। जल्दबाजी न करें। हानि संभव है।

सिंह
प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। विवाद को बढ़ावा न दें। राजकीय बाधा दूर होगी। निवेश व यात्रा लाभप्रद रहेंगे।

कन्या
संपत्ति की खरीद-फरोख्त संभव है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। जोखिम न लें।

तुला
बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न लें।

वृश्चिक
बुरी सूचना से तनाव संभव है। भागदौड़ रहेगी। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे।

धनु
कम परिश्रम से अधिक लाभ होगा। कार्य की प्रशंसा होगी। निवेश, नौकरी व यात्रा मनोनुकूल रहेंगे।

मकर
धन प्राप्ति सुगम होगी। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। विवाद को बढ़ावा न दें। स्वाभिमान बना रहेगा।

कुंभ
भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। अचानक बड़ा लाभ संभव है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। प्रमाद न करें।

मीन
व्ययवृद्धि से तनाव रहेगा। विवाद को बढ़ावा न दें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं, धैर्य रखें।


पूजा विधि

माता लक्ष्मी और भगवान् विष्णु पूजा हमेशा एक साथ करनी चाहिए ,साफ सुथरे होकर दोनों की स्तुति मंत्रो के साथ की करनी चाहिए | धुप ,दीप साथ प्रभु के प्रिय चीजों के भोग लगाना चाहिए |

शास्त्रों में लिखी कथा

एक समय की बात है विष्णु जी ने अपने धाम से निकलकर धरती पर जाने के बारे में सोचा। जब लक्ष्मी जी को इस बारे में पता चला तो उन्होंने भी विष्णु जी के साथ धरती पर जाने की इच्छा व्यक्त की।


भगवान विष्णु लक्ष्मी जी को धरती पर ले जाने के लिए मान गए। परन्तु उन्होंने धरती पर जाने से पहले लक्ष्मी जी के आगे एक शर्त रखी। विष्णु जी ने कहा कि तुम मेरे साथ चल सकती हो लेकिन एक शर्त है कि तुम धरती पर पहुंचकर उत्तर दिशा की तरफ नहीं देखोगी। लक्ष्मी जी ने विष्णु जी द्वारा रखी शर्त मान ली और वह दोनों धरती पर जाने के लिए निकल पड़े।


जिस समय वे धरती पर पहुंचे, उस समय सूर्य देव उदय ही हुए थे। रात में हुई बारिश की वजह से आसपास की हरियाली का नजारा बहुत ही अद्भुत था। हरियाली की खूबसूरती को देखते-देखते लक्ष्मी जी को अपने वचन का स्मरण नहीं रहा और वह उत्तर दिशा की ओर एक बगीचे में चली गयी। वहां से लक्ष्मी जी ने बिना सोचे एक फूल भी तोड़ लिया। जब वह फूल तोड़ने के बाद वापस आईं तो भगवान विष्णु की आंखों में आंसू थे।


विष्णु जी ने लक्ष्मी जी को उनका वचन याद दिलाया और कहा कि किसी से पूछे बिना उसकी चीज को हाथ नहीं लगाना चाहिए। लक्ष्मी जी को अपनी गलती का अहसास हुआ तथा उन्होंने अपनी गलती के लिए विष्णु जी से क्षमा मांगी। विष्णु जी ने कहा कि उन्होंने जो गलती की है उसकी सजा उन्हें अवश्य मिलेगी। जिस माली के बगीचे से उन्होंने फूल तोड़ा है उन्हें उस माली के घर नौकर बनकर रहना होगा।


लक्ष्मी जी ने अपनी सजा स्वीकार कर ली तथा उस माली के घर चली गयी। एक गरीब औरत का रूप धारण करके लक्ष्मी जी ने माली के घर अपनी सजा पूरी की। जब माली को पता चला कि वह औरत लक्ष्मी जी हैं तो उसे बहुत पश्चाताप हुआ तथा वह अपने तथा अपने परिवार की तरफ से लक्ष्मी जी से क्षमा मांगने लगा कि हमने आपसे अनजाने में घर और खेत में काम करवाया। हमसे बहुत बड़ा अपराध हो गया। कृपा करके आप हम सबको माफ़ कर दें।


यह सुनकर लक्ष्मी जी मुस्कुराईं और बोलीं, ‘हे माधव तुम बहुत ही अच्छे और दयालु व्यक्त्ति हो। तुमने मुझे अपनी बेटी की तरह रखा तथा अपने परिवार का सदस्य बनाया। इसके बदले मैं तुम्हें वरदान देती हूं कि तुम्हारे पास कभी भी खुशियों और धन की कमी नहीं रहेगी, तुम्हें वह सारे सुख मिलेंगे जिसके तुम हकदार हो। इसके बाद मां लक्ष्मी वापस विष्णु जी के पास चली गईं।