मायावती ने किया अबतक का सबसे बड़ा उलटफेर, अपने पुराने वफादार नेता को थमाई बसपा की कमान

मायावती ने किया अबतक का सबसे बड़ा उलटफेर, अपने पुराने वफादार नेता को थमाई बसपा की कमान

Nitin Srivastva | Publish: Aug, 08 2019 11:05:12 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की मुखिया मायावती (Mayawati) ने संगठन में किया बड़ा उलटफेर

- मुनकाद अली को बनाया बसपा का नया प्रदेश अध्यक्ष (Munquad Ali BSP Uttar Pradesh President)

- सामाजिक समीकरण को साधने में जुटीं बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati)

- सोशल इंजीनिरिंग के बहाने बसपा (BSP) का वोटबैंक मजबूत करने में जुटीं मायावती (Mayawati)

लखनऊ. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) की मुखिया मायावती (Mayawati) लगातार संगठन में बड़ा उलटफेर कर रही हैं। इसी क्रम में बीएसपी सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने इस बाहर मुस्लिम कार्ड खेलते हुए अपने पुराने वफादार मुनकाद अली को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष (Munquad Ali BSP P Uttar Pradesh President) बनाया है। वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से गठबंधन तोडऩे के बाद समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के यादव वोटबैंक पर भी मायावती (Mayawati) की खास निगाहें हैं। यादवों में सेंध लगाने के लिए नौकरशाह से सांसद बने श्याम सिंह यादव (Shyam Singh Yadav) को लोकसभा में बसपा का नेता बनाया है। इसके साथ ही अन्य पिछड़ा वर्ग को अपने पाले में लाने के लिये प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा (RS Kushwaha) को प्रमोशन देकर पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया है। मायावती ने अपनी सोशल इंजीनिरिंग (Mayawati Social Engineering) को मजबूती देने के लिए रितेश पांडेय (Ritesh Pandey) को लोकसभा में उपनेता बनाया है, जबकि सांसद गिरीश चंद्र जाटव लोकसभा में मुख्य सचेतक का पद सौंपा है।


मायावती ने बसपा संगठन में किया बड़ा फेरबदल

दरअसल समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) से गठबंधन तोडऩे और आगामी विधानसभा उपचुनावों (Vidhansabha Upchunav) में अकेले उतरने की घोषणा के बाद बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। मायावती की कोशिश सामाजिक समीकरण को साधने की है। बसपा संगठन में बदलाव को तीन तलाक (Triple Talaq) मुद्दे पर मायावती की खामोशी और जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 (#Article370) को खत्म करने पर सरकार के समर्थन में होने से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मायावती (Mayawati) ने इस उलटफेर के जरिए दलित-मुस्लिम गठजोड़ को मजबूती देेने के साथ ही वफादार और बसपा के मिशन से जुड़े कार्यकर्ताओं को सकारात्मक संदेश देने की भी कोशिश की है। वहीं, श्याम सिंह यादव (Shyam Singh Yadav) जैसे नए चेहरे को तरजीह देकर एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। इसीलिये बसपा सुप्रीमो मायावती (BSP Supremo Mayawati) की तरफ से जारी बयान में संगठन में बदलाव को सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय बताया गया है।

 

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बसपा में नई जान फूंकने में जुटीं मायावती

आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद से बसपा प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा (RS Kushwaha) की कुर्सी खतरे में दिख रही थी। अब आरएस कुशवाहा को हटाकर मायावती (Mayawati) ने मुनकाद अली (Munquad Ali) को बसपा का प्रदेश अध्यक्ष (BSP Uttar Pradesh President) बनाया है। उत्तर प्रदेश में बसपा प्रदेश अध्यक्ष (BSP State President) की कुर्सी पर अर्से के बाद किसी मुस्लिम नेता की ताजपोशी बेहद चौंकाने वाली है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मेरठ के रहने वाले मुनकाद अली (Munquad Ali) को बसपा प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी देकर मायावती ने पश्चिम उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी पार्टी की जड़ों को मजबूत करने की कोशिश की है। दरअसल मायावती अब पश्चिमी यूपी में दलित मुस्लिम (Dalit Muslim) गणित और अन्य क्षेत्रों में पिछड़ा-दलित समीकरण को साधकर बसपा में नई जान फूंकना चाहती हैं।

 

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