मायावती ने सीबीआई छापे पर दिया बड़ा बयान , फिर की अखिलेश से फ़ोन पर ये बात

गठबंधन रोकने के लिए भाजपा ने सीबीआई का किया प्रयोग

By: Anil Ankur

Published: 07 Jan 2019, 01:20 PM IST

 

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने आईएएस बी. चंद्रकला के खिलाफ सीबीआई जांच और अखिलेष यादव को परोक्ष धमकी दिए जाने पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने भाजपा की केन्द्र व प्रदेष सरकार को आड़े हाथ लेते हुए हमला बोला है। मायावती ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के खनन के पुराने मामले में सी.बी.आई. की छापेमारी और फिर उसकी आड़ में समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पूछताछ करने की धमकी को पूरी तरह से राजनीतिक विद्वेष की भावना से चुनावी स्वार्थ की कार्रवाई है;

मायावती ने कहा कि बीजेपी की इस प्रकार की घिनौनी राजनीति व चुनावी षड़यंत्र कोई नई बात नहीं है बल्कि यह उनका पुराना हथकण्डा है जिसे देश की जनता अच्छी तरह से समझती है और जिसका ख़ामियाज़ा आने वाले लोकसभा आमचुनाव में भुगतने के लिये उसे बीजेपी को ज़रूर तैयार रहना चाहिये।

मायावती ने आज अपने बयान में कहा कि जिस दिन सपा-बसपा के शीर्ष नेतृत्व की सीधी मुलाकात से सम्बन्धित ख़बर मीडिया में आम हुई, तो उसी ही दिन बौखलाहट में बीजेपी की सरकार द्वारा सीबीआई को लम्बित पड़े खनन मामले में एक साथ अनेकों स्थानों पर उत्तर प्रदेश में छापेमारी करवाई गई और साथ ही अखिलेश यादव से भी पूछताछ करने सम्बंधी खबर जानबूझकर फैलाई गई, यह राजनीतिक विद्वेष व चुनावी षड़यंत्र के तहत सपा-बसपा गठबंधन को बदनाम व प्रताड़ित करने की कार्रवाई नहीं तो और क्या है?
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अगर यह कार्रवाई राजनीतिक षड़यंत्र नहीं है तो सीबीआई को पहले से ही इस सम्बंध में अपनी कार्रवाई करने देना चाहिये था तथा बीजेपी के नेताओं को इस सम्बन्ध में अनावश्यक व अनर्गल बयानबाजी करने की क्या जरूरत थी? इसके अलावा इस मामले में बीजेपी के मंत्री व नेतागण सीबीआई के प्रवक्ता कबसे बन गये हैं?

मायावती ने कहा कि कांग्रेस की तरह बीजेपी भी सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग करके अपने विरोधियों को फर्जी मामले में फंसाने में माहिर रही है और बीएसपी मूवमेन्ट भी इसका भुक्तभोगी रहा है। जब उत्तर प्रदेश की लोकसभा की 80 में से 60 सीटे बीएसपी ने बीजेपी को देना स्वीकार नहीं किया तो तब उन्होंने ताज मामले में फर्जी तौर पर मुझे फंसा दिया और जिसके फलस्वरूप बसपा मूवमेन्ट के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुये 26 अगस्त सन् 2003 में उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री के पद से मैंने इस्तीफा दे दिया था।

मायावती ने फोन पर अखिलेष यादव से बात की और कहा कि भाजपा के इस कारनामे का जनता सूद समेत बदला लेगी। याद कीजिए 2007 के विधानसभा आमचुनाव में बी.एस.पी. की पूर्ण बहुमत की पहली सरकार बनवाई। यह बात मायावती ने कल टेलीफोन पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी याद दिलाई और उन्हें कहा कि बीजेपी सरकार के इस प्रकार के साम, दाम, दण्ड, भेद आदि हथकण्डों से घबराने की कोई जरूरत नहीं है। जनता बीजेपी को इसका करारा जवाब आने वाले समय में जरूर देगी।

Anil Ankur Desk/Reporting
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