मायावती ने बनाया बड़ा प्लान, ऐसे बिगाड़ेंगी मोदी-योगी का खेल?

Ashish Pandey

Publish: Sep, 17 2017 10:02:46 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
मायावती ने बनाया बड़ा प्लान, ऐसे बिगाड़ेंगी मोदी-योगी का खेल?

बसपा सुप्रीमो विपक्षियों की एकता के बीच दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों को जोडऩे की करेंगी कोशिश।

लखनऊ. यूपी विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद बसपा की नजरें अब 2019 के लोकसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती और उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है। मायावती अपने परंपरागत दलित वोटों के साथ अन्य विरादरी के वोटों पर भी नजरें टिकाए हुए हैं। इस क्रम में मायावती सोमवार को मेरठ में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक करेंगी और उसके बाद रैली से अपने अभियान का शंखनाद करेंगी।
रैली को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रैली से बसपा अपनी खोई हुई जमीन को तलाशने की कोशिश करेगी। रैली में मायावती के निशाने पर केंद्र की नरेंद्र मोदी और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार के काम होंगे। रैली से मायावती दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों को जोडऩे की भी कोशिश करेंगी।

सोमवार को मेरठ के परतापुर में वेदव्यासपुरी में बहुजन समाज पार्टी की रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली के तैयारियां बड़े ही जोरशोर से की जा रही है। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती मेरठ से लोकसभा 2019 के लिए चुनावी शंखनाद करेंगी।

पहले करेंगी बैठक

रैली में मायावती दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों को जोडऩे की भी कोशिश करेंगी। रैली को संबोधित करने से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती एक बैठक भी करेंगी। मेरठ, सहारनपुर व मुरादाबाद मंडलों की यह समीक्षा बैठक एक होटल होगी। रैली को सफल बनाने के लिए बसपा के थिंकटैंक अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।

यह होगी रणनीति
विधानसभा चुनावों में भाजपा विरोधियों की हार के बाद विरोधी पार्टियां भाजपा को मात देने के लिए एक साथ आने को तैयार हैं, लेकिन उनका एक साथ आना आसान नहीं है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती यह तो चाहते हैं कि भाजपा को मिलकर मात दिया जाए लेकिन यह इतना आसान नहीं है क्योंकि कहीं न कहीं उनका अहम जरूर टकराएगा। राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव इस बात के संकेत दे चुके हैं कि सपा और बसपा यूपी में मिल कर चुनाव लड़ें तभी भाजपा को हराया जा सकता है।

आना होगा साथ तभी हरा पाएंगे भाजपा को
भाजपा विरोधियों को एकजुट होना होगा तभी वे भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। जिस तरह से 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने विरोधियों को चित किया है और उसके बाद 2017 के यूपी विधानसभा चुनाव में जिस तरह से सूबे में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला है, उसको देखते हुए विरोधी सपा, बसपा, रालोद हैरान हैं। अब भाजपा विरोधियों को मिल कर ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है, उसके बाद ही वे भाजपा को कड़ी टक्कर दे सकते हैं।

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