बीजेपी सरकार में जातिवाद व धार्मिक निरंकुशता का शिकार हो रहे दलित: मायावती

बीजेपी सरकार में जातिवाद व धार्मिक निरंकुशता का शिकार हो रहे दलित: मायावती
Mayawati

Shatrudhan Gupta | Updated: 06 Oct 2017, 08:54:42 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बीजेपी सरकारी निरंकुशता को अपना नया हथियार बना रही है, जो लोकतन्त्र की हत्या करने के समान है।

लखनऊ. बहुजल समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। बसपा सुप्रीमो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर जमकर हमला बोला है। बसपा सुप्रीमो ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार गरीब व जनविरोधी है। बीजेपी सरकारें किसान व जनविरोधी नीतियों एवं गलत कार्यप्रणाली के विरुद्ध उठने वाले जनाक्रोश को दबाने के लिए अपनी सत्ता की ताकत का गलत इस्तेमाल कर मुकदमा कायम करा रही हैं। बीजेपी सरकारी निरंकुशता को अपना नया हथियार बना रही है, जो लोकतन्त्र की हत्या करने के समान है।

बीजेपी सरकार तानाशाही कर रही

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों खासकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखण्ड, हरियाणा, गुजरात व राजस्थान में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने पर विभिन्न धाराओं में मुकदमें दर्ज करने की नई परम्परा शुरू हो गई है, जो लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है। मायावती ने कहा कि दक्षिणी भारत के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज पर मुकदमा व शामली उत्तर प्रदेश में दलित युवक की इसी संबंध में गिरफ्तारी आदि यह साबित करती है कि बीजेपी सरकार निरंकुश होती चली जा रही है। उन्होंने कहा कि ये चीजें बीजेपी सरकार की तानाशाही प्रवृति को साबित करता है।

पत्रकारों वामपंथी विचारधारा वालों को निशाना बना रही बीजेपी सरकार

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बातÓ कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि केंद्र सरकार ने दूरदर्शन व आकाशवाणी को 'हिज मोदी वायसÓ बनाकर उसका महत्व ही लगभग समाप्त कर दिया है, जबकि प्राइवेट मीडिया चैनलों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण करके उसकी स्वतन्त्रता को खत्म करने का प्रयास लगातार जारी है। वहीं, एनडीटीवी व उसके वरिष्ठ पत्रकार रविश कुमार और हाल ही में वामपंथी विचारधारा वालों के ऊपर हुए हमले की ओर इशारा करते हुए मायावती ने कहा कि निष्पक्ष व स्वतन्त्र विचार रखने वाले पत्रकारों, लेखकों, साहित्यकारों को निशाना बनाया जा रहा है, जो किसी से भी छिपा हुआ नहीं है।

जातिवादी व धार्मिक निरंकुशता का शिकार हो रहे दबे-कुचले

मायावती ने कहा कि ऐसी घातक स्थिति में न्यायपालिका का हस्तक्षेप अब देशवासियों को जरूरी लगने लगा है। वहीं गुजरात में दलितों पर हुए हमलों पर मायावती ने कहा कि बीजेपी एंड कम्पनी व राष्ट्रीय स्वयं सेवक (आरएसएस) की संकीर्ण एवं घातक सोच का ही परिणाम है कि समाज के दबे-कुचले लोगों को पहले जातिवादी व धार्मिक निरंकुशता का शिकार बनाया जाता है, जिसके तहत गुजरात में गरबा का कार्यक्रम देखने पर दलित युवक की हत्या कर दी जाती है और दलित युवकों द्वारा स्वाभाविक तौर पर मूंछ रखे जाने पर उन्हें सरकारी संरक्षण में ज्यादती का शिकार बनाया जा रहा है।

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