लॉकडाउन, मौसम और कोरोना वायरस से खरबूजा किसानों की तोड़ी रीढ़, दिवालिया हो गए खरबूजा किसान

लॉकडाउन, मौसम और कोरोना ने खरबूजा किसानों की हालत खराब कर दी है

By: Karishma Lalwani

Updated: 22 Jun 2020, 01:11 PM IST

सुलतानपुर. हरा मधू खरबूज के लिए मशहूर जिले के पूर्वी छोर एवं जौनपुर, आजमगढ़ के बॉर्डर पर स्थित सूरापुर क्षेत्र में खरबूज खरीदने के लिए दूर-दूर से व्यापारी आते थे। जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो जाती थी। लेकिन लॉकडाउन, मौसम और कोरोना ने खरबूजा किसानों की हालत खराब कर दी है।

मानसूनी बारिश ने कम की खरबूजे की मिठास

बीते पांच दिनों से लगातार हो रही बरसात ने रात भर जागकर खेतों की रखवाली करने वाले किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। मानसूनी बारिश से खरबूजे की मिठास कम होने से किसानों को लागत के साथ- साथ मजदूरी भी निकालना मुश्किल हो गया है।

लॉकडाउन, मौसम और कोरोना वायरस से खरबूजा किसानों की तोड़ी रीढ़, दिवालिया हो गए खरबूजा किसान

क्षेत्र के खरबूजा किसान अच्छेलाल, लल्ला, रामदौर मौर्य व रमेश वर्मा ने बताया कि मार्च महीने में खरबूजे की बुआई होने के बाद कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन हो गया। म‌ई महीने में तैयार होने वाली खरबूज के ग्राहक लाकडाउन के कारण नहीं आए। बीते महीने आंधी पानी के साथ गिरे ओलों से भी खरबूजे की फसल को नुकसान पहुंचा। जून महीने में होने वाली बरसात ने रही सही कसर पूरी कर दी। इस बार प्रकृति ने साथ नहीं दिया। ऊपर से कोरोना वायरस के कारण लाकडाउन होने से लागत के साथ मजदूरी भी नहीं निकल पाई। अब खरबूजे की खेती मंहगी होती जा रही है। रात-रात भर जागकर बछड़ा, सूकर व वनरोज से किसी तरह खेत की रखवाली कर फसल को बचाया गया। लेकिन जल्दी बरसात होने के कारण इस वर्ष खरबूजे की खेती घाटे का सौदा साबित हो गई।

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