नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती को हराया, जीत ली यह जंग...

नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती को हराया, जीत ली यह जंग...
Naseemuddin Siddiqui

Shatrudhan Gupta | Updated: 01 Nov 2017, 09:21:13 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित कद्दावर नेता नसीमु्द्दीन सिद्दीकी ने मायावती को तगड़ा झटका दिया है।

लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित कद्दावर नेता नसीमु्द्दीन सिद्दीकी ने मायावती को तगड़ा झटका दिया है। दरअसल, सिद्दकी ने विधान परिषद में अपनी जीत दर्ज कराते हुए एमएलसी पद पर कब्जा बरकरार रखा है। बताते चलें कि नसीमु्द्दीन सिद्दीकी के खिलाफ विधान परिषद में बसपा की याचिका ख़ारिज हो गई है। मायावती ने सिद्दीकी को विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) पद से हटाए जाने की मांग की मांग को लेकर एक याचिका लगाई थी, जिसे विधान परिषद के सभापति ने खारिज कर दिया है। विधान परिषद के सभापति ने सिद्दीकी के पक्ष में फैसला सुनाया है।

मायावती के खिलाफ खोला था मोर्चा

बहुजन समाज पार्टी से निष्कासित होने के बाद सिद्दीकी और बसपा प्रमुख मायावती के बीच की जंग और तेज हो गई थी। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर मीडिया के सामने जमकर आरोप लगाए थे। वहीं नसीमुद्दीन ने तो मायावती की पोल खोलने के लिए कई ऑडियो क्लिप भी वायरल किए थे, जिनमें मायावती टिकट के लिए पैसों के लेन-देन की बात करती सुनाई दे रही थीं। वहीं, बसपा ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को एमएलसी पद से हटाने के लिए भी पूरी ताकत लगा दी थी, लेकिन अंतत: उसमें उसे मात खानी पड़ी। विधान परिषद का फैसला आने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकीने कहा कि यह सच्चाई की जीत है और झूठ की हार है।

सिद्दकी 33 साल तक रहे बसपा में

पिछले माह भी नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती पर जमकर हमला बोला था। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि बसपा पार्टी तो ठीक है लेकिन उसकी मुखिया मायावती भ्रष्ट हैं। वह सिर्फ पैसे की राजनीति करती हैं। मायावती की पैसे की लालच से बसपा अब कहीं भी नहीं है। सभी प्रमुख नेताओं ने इस पार्टी से किनारा कर लिया। बताया कि लगातार 33 साल तक बसपा की सेवा करने के बाद भी मायावती ने टिकट के लिए उनसे पैसे मांगे।

सपा में जाने की थी चर्चा, पर...

बसपा से निकाले जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि अब नसीमुद्दीन सिद्दकी अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। लेकिन यह बातें महज अफवाह ही साबित हुई, बल्कि नसीमुद्दीन ने अपनी नई पार्टी राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा का ऐलान कर दिया। इसके बाद यह भी चर्चा रही की वह भाजपा में जा सकते हैं। यह चर्चा इसलिए भी तेज रही, क्योंकि बसपा से निकाले जाने के बाद सिद्दकी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। हालांकि, यह चर्चा भी सिर्फ अफवाह ही साबित हुई।

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