नमामि गंगे योजना को फेल कर रही गोमती की गन्दगी

गंगा नदी को साफ़ करने के लिए बानी नमामि गंगे को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को गोमती सफाई पर ध्यान देना होगा।

संतोषी दास
लखनऊ.
गंगा नदी को साफ़ करने के लिए बनी नमामि गंगे योजना को सफल बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को गोमती सफाई पर ध्यान देना होगा। गोमती सफाई अभियान से जुड़ी संस्था लोक भारती के संगठन मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह मंत्री का कहना है कि गोमती नदी का मिलान गंगा नदी से होता है। गोमती नदी जब गंगा में मिलती है तब तक यह बहुत प्रदूषित हो चुकी होती है। ऐसे में गंगा की जितनी सफाई हो मगर उनकी सहायक नदियों को साफ़ रखना भी जरूरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने मां गंगा को निर्मल बनाने की चुनौती खड़ी हुई है। गंगा की धारा को साफ करना उनके लिए इतना आसान नहीं। गंगा तब तक स्वच्छ नहीं होगी, जब तक गोमती नदी को साफ करने की तरफ ध्यान नहीं दिया जाएगा। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, गोमती नदी का पानी इतना दूषित है कि उस पानी से नहाया नहीं जा सकता।

रिपोर्ट के अनुसार, डाउनस्ट्रीम पानी मानक से कई गुना अधिक प्रदूषित हो चुका है। गोमती के डाउनस्ट्रीम पानी में घुलित ऑक्सीजन डीओ बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमाण्ड बीओडी टोटल कोलीफॉर्म मानक के अनुसार नहीं है। गोमती नदी का यह हाल इसलिए है क्योंकि इसमें 26 नालों का गंदा पानी गिरता है। इसमें शुगर मिल चमड़े की फैक्ट्री और अन्य कारखानों से निकलने वाला अपशिष्ट पदार्थ गिरता है।

गोमती में मिलता है गंदे नालों का पानी
गोमती नदी लखनऊ नगर को दो हिस्सों में बांटते हुए शहर के मध्य भाग से गुजरती है। इस नदी में शहर के कुल 26 नाले गोमती में गिरते हैं। इन 26 नालों में से 23 नाले बैराज के अपस्ट्रीम में और तीन नाले बैराज के डाउन स्ट्रीम में गिरते हैं।

सीतापुर में ही हो जाती है मैली
गोमती सफाई अभियान से जुड़ी संस्था लोक भारती के संगठन मंत्री बृजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि गोमती का उद्भव पीलीभीत माधव टांडा से हुआ है। यह जब अपने मार्ग में आगे बढ़ती है तो शाहजहांपुर, लखीमपुर, हरदोई जिले तक आते-आते धोबिया घाट, कथिना जैसी सहायक नदियों का साफ पानी गोमती नदी में मिलती है।

गोमती नदी जब नैमिष पहुंचती है तो वहां रामगढ़ चीनी शुगर मिल का गंदा पानी गोमती में बहाया जाता है। इसके अलावा सीतापुर नगर से बहने वाले नाले, शुगर फैक्ट्रियों का गंदा पानी सरायन नदी के जरिए गोमती में मिलने लगती है। ऐसे में लखनऊ आते आते गोमती नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो जाती है।

ये नाले गोमती को करते हैं गंदा
1- गऊघाट

2- नगरिया

3- सरकटा

4- पाटा

5- वजीरगंज

6- घसियारी मंडी

7- एनईआर अप स्ट्रीम

8- एनईआर अप स्ट्रीम

9.- चाइना बाजार

10- लालप्ला

11०- जापलिंग रोड

12- जीएच कैनाल

13०- जीयामऊ

14- लामार्ट, ट्रांस गोमती

15- महेशगंज

16- रूपपुर खदरा

17- मोहन मिकिंस

 18- डालीगंज नम्बर 1

19- डालीगंज नम्बर 2

20- आर्ट्स कॉलेज

21- हनुमान सेतु

22- टीजीपीएस

23- केदरानाथ

24- निशातगंज

25- बाबा का पुरवा

26- कुकरैल

ऐसे दूर होगी समस्या
गोमती संरक्षण के लिए योगदान देने वाले लोकभारती संस्था के श्रीकृष्ण चौधरी ने बताया कि जब गोमती पीलीभीत से निकलती है, तब वह स्वच्छ होती है लेकिन सीतापुर तक आते आते शुगर फैक्टरी की गंदगी गोमती में गिरने लगती है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि सीतापुर से पहले एक ट्रीटमेंट प्लांट लगाना चाहिए। इससे सीतापुर से आने वाले शुगर मिल की कैमिकल वाली गंदगी गोमती में नहीं गिरेगी।

इससे भी कम होगी गोमती में गंदगी
- भरवारा में जो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जहां लगे हैं उसकी क्षमता बढ़ाई जाए

- नदियों के किनारे बसे हुए लोगों को जल प्रदूषण के प्रति जागरूक किया जाए

- गैरसरकारी संस्था और सरकारी संस्था मिलकर गोमती की सफाई के लिए काम करें

Hariom Dwivedi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned