नवरात्र पर ना करिये नकली पूजा! पढ़िए ये

मिलावटखोरी का धंधा अब लोगों की आस्था पर भारी पड़ने लगा है

लखनऊ.मिलावटखोरी का धंधा अब लोगों की आस्था पर भारी पड़ने लगा है। पूजा अर्चना में प्रयोग होने वाली कपूर, कलावा से लेकर देशी घी तक मिलावटी आ रहे हैं। नवरात्र करीब है और बाज़ार में नकली पूजन सामग्री की भरमार है। नवरात्र के लिए लोग कपूर और रोली,चंदन की खरीददारी कर रहे हैं मगर क्या वह शुद्ध कपूर से मां की आरती कर पा रहे हैं यह एक बड़ा सवाल है।

जिला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ एस.एम.प्रसाद ने बताया कि बाजार में बिकने वाला अधिकतर कपूर नकली है। नकली कपूर जलने से कई तरह के नुकसान हैं। इन नुकसान से बचने के लिए असली कपूर की पहचान करते हुए असली कपूर जलानी चाहिए। उन्होंने बताया कि कपूर के साथ कलावा, सिंदूर, रोली और देशी घी भी नकली आ रही हैं जिसकी पहचान करके उसे खरीदना जरूरी हो गया है।

असली कपूर की पहचान कपूर पेड़ से प्राप्त होता है जो उड़नशील द्रव्य है। कपूर का पौधा इसको जलाने पर यह उड़ जाता है। असली कपूर की पहचान करने का साधारण तरीका है कि कपूर को जलाएं और जलाने के बाद कपूर की राख नजर नहीं आई तो समझें कि वह असली है। अगर कपूर के जलने के बाद काला राख दिखे तो वह नकली है। डॉ. प्रसाद ने बताया कि असली कपूर जलने के साथ पिघल जाता है और उसका कोई भी अंश नहीं दिखता।

असली कलावा की पहचान कलावा खरीदने से पहले आप कलावे को तोड़ कर देखें। अगर कलावा जल्दी टूट जाता है तो यह समझना चाहिए कि वह असली है। अगर धागे को तोड़ने में जोर लगाना पड़े तो वह सिंथेटिक धागे से बनाकर तैयार किया गया है जो हाथ में जिस जगह बांधा जाएगा वहां पर नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ प्रसाद ने बताया कि नकली कलावा में सिंथेटिक रंग होने की वजह से एलर्जी की प्रॉबलम हो सकती है।

सिंदूर भी है नकली
मां के त्योहार में सिंदूर का भी प्रयोग पूजा में किया जाता है। बाजार में कई तरह के सिंदूर मिल रहे हैं लेकिन असली सिंदूर बड़ी मुश्किल से मिल पाता है। असली सिंदूर पेड़ों से मिलता है जबकि लोग सिंथेटिक रंग मिलाकर सिंदूर बना रहे हैं। इसमें खड़िया, सिंथेटिक रंग जिसमें लेड का इस्तेमाल किया जाता है मिलाया जा रहा है। असली सिंदूर की पहचान का तरीका है कि सिंदूर को अपनी हथेली में थोड़ा डालें। इसके बाद सिंदूर को फूंक से उड़ाएं। अगर हथेली पर सिंदूर का अंश चिपका रह गया तो वह नकली है और अगर सिंदूर पूरा उड़ गया तो वह असली है।

देशी घी के नाम पर बिक रहा है वनस्पति घी
बाजार में व्रत के दिनों में देशी की की मांग बढ़ जाती है मगर इसमें भी धड़ल्ले से मिलावट हो रही है। देशी घी में कई लोग ग्लीसरीन मिला रहे हैं। इसके अलावा वनस्पति घी भी मिलाया जा रहा है। इस घी का उपयोग अगर खाने में किया जाए तो इससे शरीर को नुकसान पहुंच सकता है।
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Santoshi Das
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