पैसों के लालच में सॉल्वर बनी बीएचयू की छात्रा, 5 लाख में हुई डील, पटना का 'पीके' है गैंग का मास्टमाइंड

वाराणसी में बीएचयू की सॉल्वर छात्रा गिरफ्तार, केजीएमयू के एक डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध, छापेमारी कर रही क्राइम ब्रांच

By: Hariom Dwivedi

Published: 13 Sep 2021, 05:51 PM IST

वाराणसी/लखनऊ. रविवार को नीट 2021 की प्रवेश परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग की एक छात्रा पकड़ी गई है जो दूसरे की जगह परीक्षा दे रही थी। क्राइम ब्रांच ने लड़की के साथ ही उसकी मां को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से सॉल्वर गैंग के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। सॉल्वर गैंग का मास्टर माइंड पटना का कोई 'पीके' बताया जा रहा है वहीं, पुलिस को पता चला है कि किंज जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लखनऊ के एक डॉक्टर के तार भी सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए हैं। क्राइम ब्रांच की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि लड़की बीएचयू के बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा है। पुलिस के मुताबिक यह डील 5 लाख रुपये में हुई थी।

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने बताया कि नीट परीक्षा में सॉल्वर गैंग पर नजर रखने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम गठित की गई थी। इसी टीम ने नीट परीक्षा के लिए सारनाथ स्थित एक सेंटर पर संदेह के आधार पर लड़की को पकड़ा। पूछताछ में खुलासा हुआ कि लड़की दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि सॉल्वर छात्रा और मूल अभ्यर्थी का चेहरा काफी हद तक एक दसरे से मिलता था। बाकी का काम फोटोशॉप ने कर दिया। पकड़ी न जाये इसलिए गैंग ने उससे सैकड़ों बार मूल अभ्यर्थी के हस्ताक्षर का अभ्यास कराया।

मां के कहने पर बनी सॉल्वर
पकड़ी गई सॉल्वर लड़की पटना के संदलपुर वैष्णव कॉलोनी की रहने वाली बताई जा रही है। उसके पिता सब्जी बेचते हैं। मां के कहने पर ही पैसों के लालच में वह सॉल्वर बनी थी।

53 केंद्रों पर थी नीट परीक्षा
वाराणसी में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से रविवार को नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। जनपद के 53 केंद्रों पर करीब 30,000 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा में परीक्षार्थियों की करीब 86 फीसद उपस्थिति रही।

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