AKTU में शुरु हुई नेटवर्किंग लैब, स्टूडेंट्स-फैकल्टीज को मिलेगा ये लाभ

AKTU में सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज व रिलायंस जिओ इन्फोकॉम की ओर से फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग लैब की शुरुआत हुई।

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Published: 11 Dec 2017, 05:45 PM IST

लखनऊ. AKTU में मंगलवार को सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज व रिलायंस जिओ इन्फोकॉम की ओर से फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग लैब की शुरुआत हुई। प्रदेश के प्राविधिक शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने लैब का लोकार्पण किया। इस लैब का मकसद फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन विकसित करना है। लैब में नेटवर्किंग के क्षेत्र में फैकल्टी डिवेलपमेंट के प्रोग्राम के साथ ही छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस अवसर पर प्राविधिक शिक्षा व चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि पिछले 9 माह में प्रदेश के सीएम योगी के निर्देशन में लोक-कल्याण संकल्प की संकल्पना को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए नित प्रयास किया जा रहे हैं इस क्रम में एकेटीयू का भवन, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में लैब और आधुनिक सुविधाओं के विकास के लिए 2 सौ करोड़ की पंडित दीनदयाल उपाध्याय गुणवत्ता सुधार योजना कुछ उदाहरण हैं।

लोकार्पण कार्यक्रम में रिलायंस जिओ इन्फोकॉम के उपाध्यक्ष आरवी बाला सुब्रमणियम इय्यर ने कहा कि आज के दौर में इन्टरनेट की उपलब्धता की चुनौती समाप्त हो रही है पर हाई-स्पीड इन्टरनेट की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है| आज का युग डिजिटल युग है छात्र-छात्राओं को क्लाउड पर मौजूद गुणवत्तापरक ऑडियो-वीडियो व्याख्यानों तक एक्सेस देने के लिए पहली जरुरत हाई स्पीड इन्टरनेट है। पिछले एक वर्षों में रिलायंस जिओ इन्फोकॉम ने हाई स्पीड इन्टरनेट की उपलब्धता में क्रांति ला दी है।

पिछले एक साल में रिलायंस जिओ इन्फोकॉम ने शिक्षा में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 58 कॉलेजों को इन्टरनेट नेटवर्क से जोड़ा है। पूरे देश 3 लाख किलोमीटर फाइबर केबल बिछाई गयी है। रिलायंस जिओ इन्फोकॉम विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडी में इस प्रकार से फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग लैब की स्थापना हेतु एमओयू कर रहा है फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग के क्षेत्र में कौशल विकास का कार्य किया जा सके।

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि एक समय जब हाई–वेज का का जमाना था आज आई-वेज का जमाना है। यूनिवर्सिटी चौथी आद्योगिक क्रांति की ओर अग्रसर है जहां मैन और मशीन के मध्य का अंतर समाप्त करने जैसी अवधारणाओं को मूर्त रूप प्रदान करने के लिए कार्य हो रहा है। ऐसे में फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग के क्षेत्र में कौशल विकास को विस्तार देना आवश्यक होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने प्राविधिक शिक्षा मंत्री जी के निर्देशन में फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग लैब की स्थापना के कार्य को सम्पादित किया है। सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज के निदेशक प्रो. मनीष गौड़ ने बताया कि जिस तरह डिजिटलीकरण का काम चल रहा है आने वाले समय में फाइबर ऑप्टिक्स एवं नेटवर्किंग के क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों की जरूरत होगी।

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