राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक: यूपी में डॉक्टरों के लिए बन गई तबादला नीति

राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक: यूपी में डॉक्टरों के लिए बन गई तबादला नीति
siddharthnath singh

दूर दराज डाक्टरी करने पर मिलेगा सवा लाख वेतनएक साल की नौकरी के लिए सरकार  ने खोला मौका


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को  में डाक्टरों के लिए नई तबादला नीति घोषित कर दी गई। इसके अलावा गांव और दूर दराज डाक्टरी करने वालो के लिए सरकार सवा लाख रुपए तक वेतन देेने का फैसला किया है। सपा सरकार की गांव में डाक्टर पहुंचाने की योजना को सरकार ने नए तरीके से पेश करने का प्रयास किया है। इसके तहत दूर दराज पिछड़े क्षेत्रो में नौकरी करने वालों का वेतन सवा लाख रुपए कर दिया जाएगा। बड़े शहरों में इस तहर की नौकरी पाने वालों का वेतन 50 हजार रुपए से शुरू होगा। ये नौकरियों एक एक साल के कांट्रेक्ट बेस पर होंगी।

ऐसे होगी डाक्टरों की भर्ती
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई केबिनेट बैठक के फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और उद्योग मंत्री सतीश महाना ने केबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। श्री सिद्धार्थनाथ ने बताया कि यूपी की पूर्व सरकार ने डाक्टरों की कमी को पूरा करने के  लिए 1000 डाक्टरों की भर्ती का फैसला किया था। पर इसके विपरीत केवल ढाई सौ डाक्टरों की ही भर्ती हो पाई थी। अब सरकार ने फैसला किया है कि इस भर्ती को दो भागों में बाट दिया जाएगा। पांच सौ वे डाक्टर होंगे जो विशेषज्ञ होंगे और 500 वे डाक्टर होंगे जो एमबीबीएस होंगे। इनकी भर्ती के लिए एक कमेटी बना दी गई है। हर जिले से अलग अलग श्रेणी के डाक्टरों के आवेदनों पर विचार स्वास्थ्य निदेशक की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी। रिटायर विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती तब ही होगी जब उस क्षेत्र में तकनीकी सुविधा उपलब्ध होगी। अन्यथा बिना सुविधा के विशेषज्ञ भेजना बेकार होगा।

चार श्रेणी में बट गए जिले
सिद्धार्थनाथ ने बताया कि नौकरी देने और तबादला करने के लिए लिए ए से लेकर डी श्रेणी तक के जिलों को अलग अलग चिह्नित किया गया है। ऐ श्रेणी मे 16 जिले हैं जिनमें लखनऊ कानपुर, रायबरेली, बाराबंकी गाजियाबाद, आगरा बरेली मेरठ नोएडा झांसी इलाहाबाद और वाराणसी शामिल हैं। इसी प्रकार श्रेणी बी में 28 जिले हैं जिनमें हरदोई जैसे जिले शामिल किए गए हैं। श्रेणी सी में  19 जिले हैं जिनमें औरइया, बांदा जैसे जिले शामिल हैं। श्रेणी डी में श्रावस्ती बलरामपुर जैसे जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों की श्रेणी के आधार पर डाक्टरों की तैनाती और उनका वेतन तय किया जाएगा। ए श्रेणी के जिले मे आम एमबीबीएस डाक्टर का वेतन पचास हजार रुपए से श्ुारू होगा जबकि दूर दराज के जिलों के पीएचसी में जाने वाले डाक्टरो का वेतन सवा लाख रुपए तक होगा।

तबादला नीति घोषित
डाक्टरों की तबादला नीति के बारे में उन्होंने बताया कि तबादले चार प्रकार से होंगे। एक निजी अनुरोध पर तबादले, प्रशासनिक आधार पर तबादले, जनहित में तबादले किए जाएंगे। जो डाक्टर लम्बे समय तक सी और डी श्रेणी के जिले में पांच साल तक रह चुके हैं उनके तबादले बी श्रेणी के जिले में किए जाएंगे। इसी प्रकार जो डाक्टर बीसी और डी श्रेणी के जिलों में नौकरी कर चुके हैं उन्हें बी और ए श्रेणी के जिले में भेजा जाएगा। 

व्यापाकर कर्मचारी बन सकेंगे अधिकारी
प्रदेश सरकार ने व्यापार कर विभाग में भर्ती कर्मचारियों को प्रमोशन दिए जाने के लिए पांचवां संशोधन किया है। अब बाबू और अन्य श्रेणी के कर्मचारी वाणिज्यकर विभाग में प्रोन्नत हो सकेंगे। 

उद्योग लगाने की तैयारी
केबिनेट के फैसलों के बारे में बताते हुए सतीश महाना ने बताया कि जो दो उद्यमी यूपी में उद्योग लगाने के लिए तैयार हो गए हैं। उनमें से एक सेमसंग है जिससे यूपी में 10 हजार लोगो को रोजगार मिलेगा। दूसरी कम्पनी इंटलेसेट टेक्नलॉजी है। ये दोनो कम्पनियां नोएडा में उद्योग विकसित करने के लिए तैयार हैं। इनमें से सेमसंग पहले से काम कर रही थी।

अगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स की तैयारी
यूपी सरकार ने आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कंसलटेंट की नियुक्ति की जाएगी जिसके  टेंडर आमंत्रित किए गए हैं।  इसी प्रकार एक्सप्रेस वे पर लाइट, फोन सुविधा, होटल रेस्टोरेंट सुविधा, पेट्रोलपंप सुविधा, के लिए भी कंसलटेंट नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अब यूपी में कोई भी नई योजना बिना धन और बिना जमीन की उपलब्धता के शुरू नहीं की जाएगी।

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