यूपी में होमगार्डों की एक मार्च से लगेगी ऑनलाइन हाजिरी, जारी हुई नई गाइडलाइन

- अधिकारी होमगार्ड की हाजिरी और मस्टररोल के सत्यापन में नहीं कर सकेंगे फर्जीवाड़ा
- सभी 75 जिलों में प्रभारियों का लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनकर तैयार

By: Neeraj Patel

Published: 12 Feb 2021, 10:05 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने सभी होमगार्डों की हाजिरी और मस्टररोल का सत्यापन अब एक मार्च से ऑनलाइन कराने लिए की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस नई गाइडलाइन के अनुसार अब अधिकारी होमगार्ड की हाजिरी और मस्टररोल के सत्यापन में फर्जीवाड़ा नहीं कर सकेंगे। मस्टर रोल घोटाले के सामने आने पर सीएम ने इस सम्बन्ध में नई व्यवस्था करने को कहा था। इस घोटाले में जिला कमाण्डेंट कृपाशंकर को बर्खास्त करने के अलावा एक दर्जन से ज्यादा कर्मचारी निलम्बित किये गए थे।

अपर मुख्य सचिव होमगार्ड अनिल कुमार ने होमगार्ड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में इस नई गाइडलाइन को एक मार्च से पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए। इसकी जिम्मेदारी नेशनल इंफार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) को दी गई है। एनआईसी ने करीब 75 फीसदी काम पूरा कर लिया है। बैठक में शामिल डीजी होमगार्ड विजय कुमार, डीआईजी, मण्डलीय और जिला कमाण्डेन्ट को एनआईसी की तकनीकी निदेशक संगीता मनीष व उनकी टीम द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया।

होमगार्ड मुख्यालय के डीआईजी का कहना है कि होमगार्डों की हाजिरी और मस्टररोल के सत्यापन की जिम्मेदारी थाना-कोतवाली, तहसील, कलेक्ट्रेट या अन्य ड्यूटी स्थल के प्रभारियों की होगी। यह सभी होमगार्डों की हाजिरी रोजाना ऑनलाइन लगाएंगे। सूबे के सभी 75 जिलों में इन प्रभारियों का लॉगिन आईडी और पासवर्ड भी बन गया है। यह अधिकारी अपने मातहत अधिकारी को नोडल यूजर प्रभारी के तौर पर नामित कर सकते हैं। महीना पूरा होने पर इनके मस्टररोल को भी ऑनलाइन सत्यापित करेंगे। जिला कमांडेंट के नेतृत्व में गठित पर्वेक्षक कमेटी इनकी पड़ताल करेगी।

ये भी पढ़ें - यूपी टीईटी पास अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती का अच्छा मौका, सात साल के बाद हो रही सीधी भर्ती

इसके बाद कमाण्डेन्ट की संस्तुति के बाद इनका भुगतान होगा। पर्वेक्षक कमेटी में हलवदार, ब्लॉक ऑर्गनाइजर, प्लाटून कमांडर और इंस्पेक्टर होंगे। डीआईजी रणजीत सिंह बताया कि कोई भी होमगार्ड यदि अनुपस्थित पाया जाता है तो उसके मोबाइल पर तुरन्त अलर्ट मैसेज आएगा। यदि होमगार्ड ड्यूटी स्थल होते हुए भी प्रभारी ने उसे अनुपस्थित कर दिया है, तो वह जिला कमांडेंट को प्रार्थना पत्र और ड्यूटी पर उपस्थित होने का साक्ष्य दे। जांच में होमगार्ड की बात सही पर उसे उस दिन का भुगतान मिलेगा।

कमांडेट समेत दर्जन भर अफसरों पर हुई थी कार्रवाई

यूपी में दो साल पहले लखनऊ और नोयडा समेत कई जिलों में दैनिक भत्ते के लाखों रुपए के घोटाले में लखनऊ के जिला कमाण्डेन्ट शंकर पांडेय समेत दर्जन भर अधिकरियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जिसमें सभी को निलंबित कर दिया गया था और इन लोगों को इस मामले में जेल भी जाना पड़ा था। पुलिस की जांच में दोषी पाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कमाण्डेन्ट कृपा शंकर पांडेय को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। फिलहाल प्रदेश में होमगार्ड के एक लाख 18 हजार 348 पद स्वीकृत हैं। विभाग में 90 हजार होमगार्ड हैं। प्रदेश में 85 हजार ड्यूटी करने वाले होमगार्ड हैं और प्रति होमगार्ड दैनिक भत्ता 702 रुपए है।

Neeraj Patel
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned