After Bus accident- 20 प्रतिशत वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम की मरम्मत 31 जुलाई तक

After Bus accident- 20 प्रतिशत वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम की मरम्मत 31 जुलाई तक
New MD UPSRTC directed to repair buses tracking system by 31 July

Anil Ankur | Updated: 23 Jul 2019, 09:30:06 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

राज शेखर द्वारा आलमबाग बस अड्डे का निरीक्षण

कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश

 

लखनऊ. उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबन्ध निदेशक डा0 राज शेखर ने आरएम लखनऊ, एआरएम आलमबाग, एसएम प्राइवेट फर्म शालीमार के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारियों के साथ आलमबाग बस टर्मिनल का निरीक्षण किया। आलमबाग न्यू बस स्टेशन उत्तर प्रदेश का पहला पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल का बस स्टेशन है। आलमबाग बस टर्मिनल से लगभग 1055 बसें संचालित होती है, (परिवहन निगम एवं अनुबन्धित बसों को मिलाकर) लगभग 20000 यात्री इस बस स्टेशन की सेवाओं का उपयोग करते हैं। ज्यादातर सभी लंबी रूट की बसें इस बस स्टेशन से यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली आदि के विभिन्न गंतव्यों तक जाती हैं और अधिकांश ए0सी0 बसें भी इसी बस स्टेशन से संचालित होती हैं।
डाॅ0 राज शेखर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंतरिक सुरक्षा प्रणाली की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और विभिन्न अनिवार्य गतिविधियों जैसे प्रवेश व निकास की जाँच, बैगेज स्कैनिंग जाँच और फ्रिस्किंग आदि के लिए समुचित व्यवस्था होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एयर कंडीशनिंग 24 घंटे के लिए उपलब्ध नहीं है। यह 12 घंटे कार्यालय और 16 घंटे काउंटर बुकिंग के लिए ही है। उन्होंने समझौते के तहत 24 घंटे एयर कंडीशनिंग सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रबन्ध निदेशक ने शालीमार को बूम बैरियर सिस्टम की मरम्मत और कार्यात्मक बनाने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कुछ बसों का निरीक्षण किया और स्पीड कंट्रोल डिवाइस वाहन ट्रैकिंग सिस्टम और मेडिकल किट जैसे आवश्यक सिस्टम की जांच की। उन्होंने ड्राइवरों और कंडक्टरों के साथ बातचीत की और स्वास्थ्य जांच, ड्रेस कोड, मेडिकल किट आदि के बारे में उनकी प्रतिक्रिया ली।
डाॅ0 शेखर ने यह सुविधा अन्य बसों में भी सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय प्रबन्धक आलमबाग को निर्देशित किया। लंबे रूट की बसों के 208 बस ड्राइवरों में से 68 ड्राइवरों का मेडिकल टेस्ट और आंखों का चेकअप पूरा हो चुका है और बाकी काम 31 जुलाई तक पूरा हो जाएगा। वाहन ट्रैकिंग सिस्टम 80 प्रतिशत बसों में कार्यात्मक हैं और क्षेत्रीय प्रबन्धक ने प्रबन्ध निदेशक को आश्वासन दिया है कि लंबित लंबे मार्ग के लिए शेष 20 प्रतिशत वाहनों में ट्रैकिंग सिस्टम की मरम्मत 31 जुलाई तक कर ली जायेगी।
प्रबन्ध निदेशक ने सख्ती से स्पीड कंट्रोल डिवाइस से संबंधित मुख्यालय के अधिकारियों को दैनिक आधार पर इसका पालन करने का निर्देश दिया और कहा कि सभी लम्बी दूरी के बसों में 31 जुलाई तक पूरी तरह कार्यात्मक स्पीड कंट्रोल डिवाइस लग जानी चाहिए।

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