नाइट कर्फ्यू व शादियां टलने से ठप हुआ कोल्ड ड्रिंक का कारोबार, 8 करोड़ तक के ऑर्डर रद्द

मार्च से जून के बीच 50 करोड़ का कारोबार हो जाता था। कोरोना के डर से भी लोग ठंडे पदार्थ लेने से बच रहे हैं।

By: Rahul Chauhan

Published: 02 May 2021, 04:28 PM IST

नाइट कर्फ्यू व शादियां टलने से ठप हुआ कोल़ड ड्रिंक का कारोबार, 8 करोड़ तक के ऑर्डर रद्द
- मार्च से जून के बीच 50 करोड़ का कारोबार हो जाता था
- कोरोना के डर से भी लोग ठंडे पदार्थ लेने से बच रहे हैं

लखनऊ। कोरोना संक्रमण (coronavirus) की दूसरी लहर ने एक बार फिर से कई लोगों के काम को ठप कर दिया है। जहां कई लोग इस वायरस के बढ़ते अपने घरों को वापस चले गए हैं तो कई लोगों के रोजगार पर भी इसका काफी बुरा असर पड़ा है। बता दें कि कोरोना के संक्रमण के चलते एक बार फिर कोल्ड ड्रिंक (cold drink business) का कारोबार ठंडा पड़ गया है। जहां एक समय पर राजधानी में सालाना कोल्ड ड्रिंक का 100 करोड़ रुपये का कारोबार होता था। जिसमें मार्च महीने से जून महीने तक के बीच लगभग 50 करोड़ रुपये का बिजनेस हो जाता था जो इस समय पर घटकर 40 फीसदी से भी कम रह गया है।

यह भी पढ़ें: तीमारदार बन साइकिल पर सवार होकर ऑक्सीजन लेने पहुंचे डीएम, फिर जो हुआ...

कोल्ड ड्रिंक कारोबारियों की माने तों कोरोना वायरस के चलते और शादियां टलने से अब तक करीब आठ करोड़ रुपये के आर्डर कैंसिल किए जा चुके हैं। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज और ऑफिस भी बंद चल रहे हैं और नाइट कर्फ्यू के कारण शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, होटल-रेस्टोरेंट भी रात आठ बजे तक बंद हो जाते हैं। जिस वजह से माल नहीं बिक पा रहा है। वहीं कोरोना के डर के चलते लोग ठंडी चीजों के सेवन से बच रहे हैं, जिसका नतीजा है कि पिछले दो महीने में सिर्फ 12 करोड़ रुपये की बिक्री हुई है।

कोल्ड ड्रिंक डिस्ट्रीब्यूटर से जब इस बारे में पूछा गया तो उन लोगों ने बताया कि मार्च से जून महीने तक कोल्ड ड्रिंक का कारोबार बहुत अच्छा होता था, इसके साथ ही अक्टूबर और नवंबर में भी खूब बिक्री होती है, लेकिन अब जबकी मई माह शुरू हो गया है, इसके बाद भी कारोबार ना के बराबर है।

यह भी पढ़ें: कोरोनाकाल में मिसाल : अनूठी शादी, न बाजा न शहनाई, बाराती भी सिर्फ एक

लखनऊ में 108 डिस्ट्रीब्यूटर

बता दें कि राजधानी में विभिन्न कोल्ड्र ड्रिंक कंपनियों के 108 डिस्ट्रीब्यूटर हैं। जहां एक समय पर कोल्ड ड्रिंक कारोबार में मार्च से जून तक कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के टारगेट भी पूरे हो जाते थे। वही जब स्थिति सामान्य हुई थी तो कारोबार बढ़ा था, लेकिन कोरोना वायरस की इस दूसरी लहर के चलते कारोबार घटकर 40 फीसदी ही रह गया है।

Show More
Rahul Chauhan
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned