राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर ने किया नामांकन दाखिल

राज्यसभा की एक सीट पर उपचुनाव भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर ने किया नामांकन दाखिल
Niraj Shekhar filed nomination for Rajyasabha in Lucknow

Anil Ankur | Updated: 14 Aug 2019, 01:23:32 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

सीएम और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भी थे मौजूद

लखनऊ। हाल में ही भाजपा में शामिल हुए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर ने बुधवार को राज्यसभा के उपचुनाव की रिक्त सीट पर भाजपा की ओर से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह समेत अनेक मंत्री और पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद थे।

नीरज की सदस्यता अब 2020 तक हो जाएगी

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर ने बताया कि भाजपा उम्मीदवार नीरज शेखर बुधवार दोपहर एक बजे विधानसभा में नामांकन दाखिल किया। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सदस्य थे। नीरज ने बीते दिनों राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद शेखर का कार्यकाल नवंबर 2020 तक रहेगा।

भाजपा नेताओं को विधानमंडल कक्ष में दिया गया आमंत्रण

बुधवार को पूर्वाह्न भाजपा नेताओं को पहले विधानसभा परिसर बुलाया गया। उसके बाद तय किया गया कि नामांकन के लिए विधान भवन स्थित भाजपा के विधान मंडल दल के कार्यालय में लोग एकत्र हुए। सभी लोगों के आने के बाद नीरज शेखर नामांकन करने पटल पर गए।

पूर्व पीएम चंद्रशेखर के पुत्र हैं नीरज

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर अभी हाल ही में राज्यसभा और सपा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए हैं। नीरज शेखर लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़े थे। लोकसभा चुनाव में सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा टिकट न दिए जाने से नाराज नीरज ने राज्यसभा से इस्तीफा देते हुए हाल ही में भाजपा ज्वाइन कर ली थी। उप चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश कोटे से नीरज शेखर को भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

नीरज शेखर का राजनीति में योगदान

नीरज यूं तो पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र हैं। उनकी मृत्यु के बाद हुए उपचुनाव में जीतकर नीरज शेखर पहली बार सांसद में पहुंचे। वह 2009 के लोकसभा चुनाव फिर जीते और लोकसभा पहुंचे, लेकिन 2014 के मोदी लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद सपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। वर्ष 2019 में एक बार फिर वह लोकसभा चुनाव लड़कर पिता की विरासत को सहेजना चाहते थे, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने राज्यसभा सदस्य का हावाला देते हुए टिकट नहीं दिया। तभी से नीरज शेखर नाराज चल रहे थे।

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