यूपी के इस जिले में नहीं है एक भी कृष्ण मंदिर, भगवान की फोटो से ही काम चलाते हैं भक्त

यूपी के इस जिले में नहीं है एक भी कृष्ण मंदिर, भगवान की फोटो से ही काम चलाते हैं भक्त

Hariom Dwivedi | Publish: Sep, 02 2018 03:15:29 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

भादों के महीने की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है...

सुलतानपुर. भादों के महीने की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। देश भर के मंदिरों में श्रद्धालु भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाते हैं। उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में भी कृष्ण भक्तों की कमी नहीं है, बावजूद इसके पूरे जिले में एक भी कृष्ण मंदिर नहीं है। भले आपको आश्चर्य हो रहा हो, लेकिन यह सोलह आने सच है। यहां कृष्ण भक्त अपने आराध्य देव की पूजा-अर्चना करने के लिए उनकी फोटो का सहारा लेते हैं।

सुलतानपुर जिले में संकटमोचन हनुमानजी का मशहूर मन्दिर है, जिसे बिजेठुआ महाबीरन धाम कहा जाता है। यहां शिवालय भी बड़ी संख्या में बने हैं। जिले के दुर्गा मन्दिर और शनिदेव के मंदिर भी काफी फेमस हैं। कहा जाता है कि सुलतानपुर को भगवान राम के पुत्र कुश ने बसाया था। पहले इसका नाम कुशभवनपुर था। लेकिन यहां कोई कृष्ण मंदिर न होने से लोग दुखी हैं।

निष्काम कर्म योग का उपदेश देने वाले भगवान कृष्ण का जिले भर में कई भव्य मन्दिर न होने का लोगों को बहुत मलाल है। कृष्ण भक्त जयप्रकाश तिवारी कहते हैं कि जिनकी पूजा पूरी दुनिया में होती है, जिले में उनका कोई भव्य मंदिर न होना बड़े दुख की बात है। वह कहते हैं कि कोई विष्णु भगवान का मंदिर बनवाने की बात करता है तो कोई राम का मंदिर, लेकिन इस जिले में न तो कोई नेता और न ही कोई सेठ कृष्ण मंदिर बनवाने की बात करता है। समाजसेवी सरदार गुरभेज सिंह डॉलर कहते हैं, यह जिला धार्मिक महत्व वाला है। यहां धार्मिक स्थलों, मंदिरों की महत्वपूर्ण श्रृंखला है और भक्ति परम्परा बहुत मजबूत है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण का भव्य मंदिर का न होना बहुत ही पीड़ादायक है।

यहां की झांकी देश भर में मशहूर
वैसे तो जिले के करीब हर गांव में कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है, लेकिन जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी दूर लखनऊ-बलिया हाईवे पर स्थित गोसाईगंज कस्बे में कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार झांकियां निकालकर मनाया जाता है। यह झांकियां तीन दिनों तक रखी जाती हैं, जिनका भक्त आनन्द लेते हैं। यहां की कृष्ण जन्माष्टमी की झांकी देशभर में मशहूर है। बताया जाता है कि यहां जन्माष्टमी की झांकी सजाने की परम्परा 1967 में शुरू हुई थी, जो आज तक चल रही है।

इस बार पुलिस लाइन में भी मनाई जाएगी जन्माष्टमी
पुलिस लाइन में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी भी धीरे-धीरे राजनीति का शिकार होकर रह गई। पुलिस विभाग द्वारा थानों, जेल और पुलिस लाइन में मनाये जाने वाले कृष्ण जन्मोत्सव को पिछली सरकारों ने प्रतिबंधित कर दिया था, लेकिन प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार आने के बाद यह परम्परा फिर शुरू हो रही है।


वीडियो में देखें- क्या कहते हैं सुलतानपुर निवासी समाजसेवी सरदार गुरभेज सिंह डॉलर...

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