मांगे पूरी ना होने पर पानी की टंकी पर चढ़ी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां

डीएम से वार्ता के बाद ही मानीं।

 

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Published: 11 Sep 2017, 10:37 PM IST

फर्रुखाबाद. अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 17 दिन से धरना दे रही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सोमवार को धैर्य जबाब दे गया। जिसके विरोध में वह पानी की टंकी पर चढ़ गईं। सूचना मिलने पर प्रशासन में हड़कम्प मच गया। अधिकारियो ने समझा-बुझा कर सभी को नीचे उतारा।

उतरते समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की उसी समय शमशाबाद ब्लाक की आंगनबाड़ी कार्यकत्री की तबियत खराब हो गई, जब कि जिला प्रशासन ने एम्बुलेंस धरना स्थल पर खड़ी रहने के आदेश जारी किए थे, लेकिन प्रदर्शन के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री को ले जाने के लिए मौके पर नहीं थी। मामला बिगड़ता देख कर सीडीपीओ की गाड़ी से उसको अस्पताल भेजा गया था, लेकिन वह अस्पताल नहीं गई। धरना स्थल पर ही लेट गई।

आंगनबाड़ी संघ की अध्यक्ष प्रीती गुप्ता के नेतृत्व में बीते 17 दिन से कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन चल रहा है। यह आन्दोलन पूरे प्रदेश की आंगनबाड़ी कर रही हैं। धरना देते हुए सोमवार को १7 वां दिन था। लेकिन शासन से कोई संतोषजनक उत्तर ना मिलने पर आंगनबाड़ी आक्रोशित हो गईं। वह कलेक्ट्रेट के उपभोक्ता फोरम के सामने बनी टंकी पर आधा सैकड़ा की संख्या में चढ़ गईं। उन्होंने जमकर विरोध प्रकट कर नारेबाजी भी की।

प्रशासन को आंगनबाडिय़ों के टंकी पर चढऩे की सूचना मिली तो हड़कम्प मच गया। मौके पर एडीएम आरबी सोनकर, एसडीएम अजीत सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट जैनेद्र जैन, महिला थानाध्यक्ष पंहुच गए। उन्होंने आंगनबाडिय़ों को काफी देर समझाया। जिसके बाद लगभग आधा घंटे के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां नीचे उतरीं। अफसरों ने जिलाधिकारी मोनिका रानी से आंगनबाडिय़ों की वार्ता करायी। जिलाधिकारी ने कहा कि आंगनबाडिय़ों की समस्या जिला स्तर की नहीं है। समस्या को शासन को भेज दिया जाएगा। संगठन की अध्यक्ष प्रीती गुप्ता ने बताया कि यदि उनकी मांगे 14 सितम्बर तक नहीं मानी गईं तो वह चक्का जाम करेंगी। जब इस मामले में सिटी मजिस्ट्रेट जैनेद्र जैन से बात करनी चाही तो वह कैमरे से बचते नजर आए।

 

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