गन्ने के बीमा पर केंद्र-यूपी आमने-सामने

गन्ने के बीमा पर केंद्र-यूपी आमने-सामने
FARMER Akhilesh Modi

| Publish: Sep, 01 2016 11:20:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अधिसूचित करते हुए गन्ना की फसल को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसके तहत, जिन भी किसानों ने कर्ज लिया है उन्हें अनिवार्य रूप  से 2 फीसदी शुल्क  पर बीमा लेना होगा।

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन को लेकर केंद्र सरकार और यूपी सरकार आमने.सामने आ गई हैं। इधर, इस फैसले से सूबे के गन्ना किसानों के भी होश उड़ गए हैं।

दरअसल, यूपी सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अधिसूचित करते हुए गन्ना की फसल को भी इसमें शामिल कर लिया है। इसके तहत, जिन भी किसानों ने कर्ज लिया है उन्हें अनिवार्य रूप  से 2 फीसदी शुल्क  पर बीमा लेना होगा। जबकि, सिंचित इलाकों में लगी गन्ने की फसल को सामान्यत: मौसमी मार का कोई खतरा नहीं होता। ऐसे में यूपी के गन्ना किसानों की चिंता बढ़ गई है।

किसानों के विरोध के बाद केंद्रीय कृषि मंत्रालय के संयुक्त सचिव आशीष कुमार भुटानी ने यूपी के परमुख सचिव कृषि रजनीश गुप्ता को पत्र लिख इस पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया।

हालांकि इस  पर कोई कार्रवाई न होने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने गुरुवार को यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर गन्ने को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से बाहर रखने का अनुरोध किया है। राधामोहन ने कहा कि गन्ना सामान्यत: जोखिम मुक्त फसल होती है। ऐसे में गन्ना को फसल बीमा में शामिल करना उचित नहीं है।
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