8 महीनों में कुल 902 एप डाउनलोड, दिसंबर तक कैसे करेंगे 61 हज़ार ?

निगम का लक्ष्य इस साल के अंत तक शहरवासियों 61 हज़ार एप डाउनलोड करवाना है।

By: Dikshant Sharma

Published: 22 Aug 2017, 07:41 PM IST

लखनऊ। स्वच्छता रैकिंग में लखनऊ इस बार 269 पायदान पर रहा। 2018 में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए निगम तैयारियों में जुट गया है। स्वच्छता का सन्देश फैलाना के लिए निगम स्वच्छता के ब्रांड अम्बेस्डर तो बनाएगा ही साथ ही स्वछता एप डाउनलोड करवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। नगर निगम अधिकारियों ने मुख्यालय समेत सभी जोनल ऑफिसों में आने वाले लोगों को स्वच्छता एप डाउनलोड करवाने को कहा है। निगम का लक्ष्य इस साल के अंत तक शहरवासियों 61 हज़ार एप डाउनलोड करवाना है।

नगर निगम ऐसा इसलिए भी करा रहा है क्यूंकि 61 हज़ार या उससे अधिक की संख्या होने पर स्वछता सर्वेक्षण में शहर को 150 अंक मिलेंगे। लेकिन ये भी निगम के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस साल के आठ महीने बीतने के बाद भी लगभग 30 लाख की आबादी में कुल 902 लोगों ने ही स्वच्छता एप को डाउनलोड किया। एक्टिव यूजर की संख्या और भी कम 385 ही है। जबकि प्रदेश में सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन 26,580 वाराणसी में है। ऐसे में लखनऊ नगर निगम को ये 150 अंक पाने के लिए बचे चार महीनों में जी तोड़ मेहनत करनी होगी।

शासन की ओर से जारी हो चुका है पत्र
केंद्र सरकार की ओर जारी आदेशों में स्पष्ट है की इस बार स्वच्छता रैंकिंग में जनवरी 2017 से लेकर नवंबर 2017 तक एप पर आयी समस्याओं का निवारण करना होगा। इस समबन्ध में निदेशक विशाल भरद्वाज की ओर से एक पत्र भी प्रदेश भर की नगर निकायों को जारी किया गया है। पत्र में मौजूदा स्थिति पर चिंता करते हुए कहा गया था कि सैनिटरी इंस्पेक्टरों द्वारा स्वच्छता एप का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। साथ ही स्वच्छता सम्बन्ध में की गयी शिकायतों का निस्तारण भी नहीं किया जा रहा है। इससे नगर निकायों की ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने निकायों का नक्शा डिजिटल करने के निर्देश दिए हैं ताकि सफाई निरक्षकों को निवारण के लिए सक्षम बनाया जा सके।

केन्द्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक स्वच्छता ऐप पर की गई शिकायतों में राजधानी की रैंक लगातार गिर रही है। पिछले साल अक्टूबर में राजधानी 16 वें स्थान पर थी जबकि इस साल जनवरी में 133 जुलाई में 152 और मौजूदा समय में 133 है।

अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने कहा कि हम चाहते हैं राजधानी वासी भारी संख्या में स्वच्छता एप का प्रयोग करें। इससे वे शहर को साफ़ रखने में भी हमारी मदद कर सकेंगे और इससे मार्किंग में भी मदद मिलेगी। सभी कर्मचारियों को भी स्वच्छता एप का प्रयोग करने के लिए कहा गया है।

Dikshant Sharma
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