उत्तर प्रदेश में कम से कम पांच साल रहने वाले ही अब बन पाएंगे टीचर

UP Primary Teacher Recruitment : बेसिक शिक्षा परिषद में प्राथमिक अौर उच्च प्राथिमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में कई संशोधन कर दिए है।

By: Ruchi Sharma

Updated: 24 Jul 2018, 05:09 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनना अब आसान नहीं है। बेसिक शिक्षा परिषद में प्राथमिक अौर उच्च प्राथिमिक स्कूलों में सहायक अध्यापकों की भर्ती के लिए अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में कई संशोधन कर दिए है। नई नियमावली के तहत अब उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए वहीं लोग आवेदन कर सकते है जो पिछले पांच सालों से उत्तर प्रदेश के निवासी होंगे।

इसके अलावा राज्य सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षक परिषद से मान्याता प्राप्त सभी शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को शिक्षक भर्ती के लिए मान्य कर दिया है। मतलब अब किसी अन्य राज्य से डीएलएड करने वाले अौर भारतीय पुनर्वास परिषद से मान्यता प्राप्त डीएड स्पेशल एजुकेशन या अन्य कोर्स को करने वाले भी टीचर के लिए आवेदन कर सकते है।

यह भी पढ़ें- भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य को लेकर किया बड़ा एेलान, सपा-बसपा के वोट बैंक में एेसे लगाई सेंध-

एनसीटीई ने डीएड को फिर से प्राथमिक स्कूलों में भर्ती के लिए मान्य कर दिया है, लेकिन अभी उत्तर प्रदेश की शिक्षक नियमावली में इसे शामिल नहीं किया गया है। अब इसके लिए भी उसे अपने नियम में संशोधन करना होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार अगले साल से बीएससी बीएड, बीए बीएड अौर बीकॉम बीएड का एकीकृत कोर्स शुरू करने जा रही है। इस कोर्स के पूरा होने के बाद एक बार फिर शिक्षक नियमावली बदली जाएगी।

यह भी पढ़ें- शिव जी के जयकारों के बीच, बार बालाएं लगा रही थी ठुमके..भगवान को भुलकर लोगों ने कर डाला गंदा काम

उच्चतर शिक्षा में भी रोका गया इंटरव्यू

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग ने एचआरडी मंत्रालय के 18 जुलाई के पत्र का संज्ञान लेते हुए असिस्टेंट प्रोफसर के इंटरव्यू को ही स्थगित किया गया है। आयोग ने इस बारे में शासन से मार्गदर्शन मांगा है। आगे के इंटरव्यू के बारे में निर्णय मागदर्शन मिलने के बाद लिया जाएगा।

Show More
Ruchi Sharma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned