श्रम कानूनों में संशोधन का अध्यादेश मजदूर विरोधी

मजदूरों के हितो पर भारी कुठाराघात है।

By: Ritesh Singh

Published: 10 May 2020, 07:17 PM IST

लखनऊ,विद्युत मजदूर संगठन और विद्युत संविदा मजदूर संगठन के पदाधिकारियों सर्व आर यस राय,अरुण कुमार,आर सी पाल आलोक सिंहा,बिमल चन्द पान्डे और श्रीचन्द ने आज जारी एक बयान कहा है कि पूरा देश आज कोरोना की महामारी से निपटने की कोशिश में लगा हुआ है। किन्तु इसी को अपनी ढाल बनाकर पूंजीपतियों को खुली छूट देने के लिए सरकार द्वारा श्रम कानूनों मे संशोधन का अध्यादेश जारी किया जाना मजदूरों के हितो पर भारी कुठाराघात है।

संगठन के वरिष्ठ नेता आर यस राय ने कहा है कि एक ओर मजदूर पलायन को मजबूर होकर,दर दर का मुहताज,बेरोज़गार और भुखमरी का शिकार है और निरंतर वेतनों पर पाबंदी व मुश्किलों से जूझ रहा है फिर ऐसे समय में मजदूरो के मूलभूत अधिकारो मे छेड़छाड़ करके काम के घंटे बढ़ाकर 12 घंटे किया जाना एक संबिधान बिरोधी क़दम है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मीडिया प्रभारी विमल चंद पाण्डेय ने बताया है कि श्रम कानूनों मे किये गये इस संशोधन का संगठन द्वारा निरंतर विरोध किया जायेगा। उन्होंने सरकार से मजदूर विरोधी इस अध्यादेश को वापस लिये जाने की मॉग की है।

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