अन्य पिछड़ा वर्ग को लगा योगी सरकार का बड़ा झटका

उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को योगी सरकार से बहुत बड़ा झटका लगा है।

By: Mahendra Pratap

Updated: 09 Dec 2017, 02:02 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को योगी सरकार से बहुत बड़ा झटका लगा है। प्रदेश में जिन छात्रों के पिछली कक्षा में 50 प्रतिशत से कम अंक होंगे उन छात्रों को शुल्क की भरपाई नहीं की जाएगी। छात्रों को उनकी मेरिट के आधार पर ही छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति की वरीयता सूची में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों में शुल्क भरपाई की अधिकतम सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। शुक्रवार को शासन द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति नियमावली, 2017 भी जारी कर दी गई है।

संशोधित नियमावली के अनुसार स्नातक एवं परास्नातक स्तर के सभी तकनीकी पाठ्यक्रमों अधिकतम 50 हजार रुपए ही शुल्क की प्रतिपूर्ति होगी। परास्नातक स्तर के गैर तकनीकी या व्यवसायिक पाठ्यक्रमों के लिए अधिकतम सीमा 30 हजार रुपए निर्धारित की गई है।

निजी संस्थान अपनी फीस स्वयं तय करते हैं

तकनीकी डिप्लोमा कोर्सों के लिए शुल्क भरपाई की अधिकतम 20 हजार रुपए और एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्सों के लिए 10 हजार रुपए रखा गया है। जो निजी संस्थान अपनी फीस खुद तय करते हैं। उनके छात्रों को राज्य सरकार द्वारा संचालित विश्वविद्यालयों के नियमित पाठ्यक्रम की फीस के बराबर राशि का ही भुगतान किया जाएगा। अगर कोई छात्र किसी पाठ्यक्रम को बीच में छोड़कर किसी नए पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है। तो उसे नए पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में शुल्क की भरपाई नहीं की जाएगी।

पा सकेंगे शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ

जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 65 फीसदी अंक हासिल किए हों। इस मद में वजट कम पड़ने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 से अधिक भी हो सकता है, वहीं बजट बचने पर न्यूनतम प्रतिशत 65 से कम भी हो सकता है, पर किसी भी दशा में यह 50 प्रतिशत अंक से कम नहीं होगा। इसी तरह कक्षा 11 व 12 के वे छात्र भी शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ पा सकेंगे, जिन्होंने पिछली कक्षा में न्यूनतम 50 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं।

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