सुप्रीट कोर्ट से किया वादा फेल, मतगणना में उड़ी गाइड लाइन की छज्जिया

कही संक्रमण बढ़ा तो परिणाम घातक

By: Ritesh Singh

Published: 03 May 2021, 06:37 PM IST

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट में मतगणनों रोकने की याचिका के बाद आयोग और सरकार द्वारा पर्याप्त सुविधा एवं कोविड 19 गाइड लाइन अनुपालन के वायदा धरा का धरा रह गया। एक दो नही प्रदेश के अधिकाधिक मतगणना स्थलों का नजारा किसी रैली से कम नही था। इसमें भी स्थिति यह कि न सोशल डिस्टेसिंग और न मास्क की चिन्ता, बस जो मेले में खड़ा थाा उसे बस जीत हार की चिन्ता थी। एक तरफ कोरोना का कहर और दिन प्रतिदिन बढ़ते आकड़ों ने जनता और सरकार का चैन छीन रखा है।। वही जीतहार के चक्कर में लोग अपनी जान से खुद खिलवाड़ करते नजर और सरकारी सिस्टम बेजान नजर आ रहा था। प्रदेश में 75 जिलों में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 12,89,830 प्रत्याशियों की गिनती और कम से कम इसके चार गुने समर्थक आज अपनी जान की बाजी लगाकर मतगणना स्थल और मतगणना स्थल के बाहर डटे रहे यानि तय है कि कही भी कोविड 19 गाइडलाइन का पालन करा पाना नामुमकिन था।

इसके बावजूद सरकार और चुनाव आयोग सुप्रीम कोर्ट में वायदा कर आया था। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कल सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए मतगणना की सशर्त इजाजत दी थी। कहा गया था कि मतगणना स्घ्थल पर कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाएगा लेकिन आज सुबह आठ बजे जब मतगणना शुरू हुई तो प्रदेश के तमाम जिलों में मतगणना स्थलों पर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आईं। मतगणना स्घ्थलों पर प्रत्याशियों और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी है।

राजधानी के बीकेटी की बाॅत करे या अन्य मतगणना स्थलों की सभी जगह ऐसा लग रहा था कि कोरोना क्या है। हम तो चुनाव के लिए बने है।कुशीनगर की बाॅत करे या फिर हाथरस, अम्बेडकरनगर ऐसा शयाद कोई जनपद होगा जहा मतगणना के दौरान काविड 19 गाइड लाइन का अनुपालन हो पाया हो। प्रदेश भर के प्रतिनिधियों से मिल रही सूचना के अनुसार सुबह ही पता चला कि हाथरस में चार मतगणना कर्मी संक्रमित हैं। हाथरस के मुरसान स्थित मतगणना केंद्र पर ये चार कर्मचारी कोरोना संक्रमित पाए गए। खबर फैलते ही वहां खलबली मच गई। हाथरस के सादाबाद में मतगणना केंद्र के बाहर मेले सा नजारा था। स्थिति इतनी गम्भीर की लखीमपुर खीरी, कानपुर सहित कई जिलों में मतगणना में लगे कर्मचारी पॉजिटिव पाए गए।अयोध्या में भी मतगणना स्घ्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता हुआ नजर नहीं आ रहा है।

प्रत्याशी और उनके समर्थकों की भीड़ सुबह से सड़क किनारे जुटना शुरू हो गई थी। गोंडा के मतगणना केंद्रों के बाहर और अंदर कोविड प्रोटोकॉल महज रस्म अदायगी बन गया है। सहारनपुर के नानौता समेत सभी मतगणना केंद्रों पर पुलिस तैनात हैं। इधर नानोटा के श्री राम कृष्ण इंटर कॉलेज पर प्रत्याशियों और अभिकर्ताओं ने की भीड़ है।कानपुर में मतगणना केंद्र तक जाने के लिए लंबी कतारें देखी गईं। कोरोना को भूल हजारों लोग लाइन में लगे दिखे। किसी के चेहरे पर मास्क था तो किसी के पास वह भी नहीं। हर जगह कोरोना प्रोटोकाल तार-तार होता दिखा। किसी ने रोका-टोका तक नहीं। कन्नौज में मतगणना केंद्रों के गेट के बाहर उम्मीदवारों और उनके एजेंट का हुजूम है।

फतेहपुर में भी मतगणना स्थल पर कोविड प्रोटोकाल तार-तार होता दिखा। सुखदेव इंटर कालेज खागा और चन्द्रदास इंटर कालेज हसवा में प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ जुटी। फर्रुखाबाद में भी कोविड गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही हैं। वहां मतगणना केंद्र के बाहर भीड़ लगी है। बागपत में बड़ौत के कालिंदी कालेज में भी नियमों की अनदेखी होती नजर आई। देवरिया में मतगणना स्घ्थलों पर यही हाल नजर आ रहा है। सिद्धार्थनगर में भी लोगों के बीच संक्रमण का डर जरा भी देखने को नहीं मिल रहा है।ना तो कहीं सोशल डिस्टेंसिंग और न ही मास्क की चिन्ता, जिसे देखों कौन जीता , कौन आगे है, बेइमानी हो रही, मिली भगत है कि चर्चा में मस्त दिख रहा था।

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