Patrika Positive News: कोरोना से जंग में पीछे नहीं महिलाएं, डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के लिये बना रहीं पीपीई किट

प्रायागराज की महिला समूहों की महिलाएं लाॅक डाउन में डाॅक्टरों और मेडिकल स्टाफ जैसे अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्घाओं के लिये पीपीई किट और मास्क बनाकर लड़ाई को आगे बढ़ा रही हैं। ये लाॅक डाउन में महिलाओं की आमदनी का जरिया भी बना है।

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

लखनऊ. कारोना संक्रमण के खिलाफ जंग में महिलाओं की भूमिका कम नहीं। महामारी के खिलाफ चल रही लड़ाई में महिलाएं बढ़चढ़कर भूमिका निभा रही हैं। मिसाल के तौर पर प्रयागराज की महिला स्वचं सहायता समूह की महिलाएं। समूह की महिलाओं ने साबित कर दिया कि संक्रमण से लड़ाई में वो किसी से पीछे नहीं। ये महिलाएं कोविड से जंग में सबसे आगे खड़े कोरोना योद्घाओं यानि डाॅक्टर और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिये बेहतरीन क्वालिटी का पीपीई किट बना रही हैं। एक तरफ जहां पीपीई किट मुहैया हो रहा है तो वहीं लाॅक डाउन में यह इन महिलाओं की आय का साधन भी बना है, जिससे इन्हें परिवार चलाने में मदद हो जा रही है।


प्रयागराज नगर निगम की परियोजना निदेशक वर्तिका सिंह ने बताया कि इस बार लॉकडाउन के समय 8000 मास्क और 1000 पीपीई किट का आर्डर मिला है। इस काम में 13 महिला समूह को जोड़ा गया है। इससे जहां आसानी से डिमांड के हिसाब से आॅर्डर पूरा हो जा रहा है वहीं समूहों की महिलाओं को इस लॉक डाउन के समय एक अच्छी आमदनी हो रही है।


महिला समूह इंचार्ज नीलू मौर्या ने बताया की इस लॉक डाउन के समय महिलाओं को हम लोग सिलाई सिखा कर और उन्हें अच्छी आमदनी दिला रहे हैं। एक पीपीई किट की कटिंग और पैकिंग के लिये 100 रुपये मिलते हैं। महिला समूह हेड मोनी वर्मा ने बताया की पीपीई किट बनवाकर महिलाओं को अच्छी खासी आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है।


महिला समूह सदस्य दीपिका सोनी ने बताया कि हम काम कर रहे हैं तो आमदनी हो रही है, जिससे परिवार चलाने काफी आसानी हो रही है। मुसीबत के समय में हम लोगों को यह काम मिलने से हम लोगों आर्थिक हो गई है। इन महिलाओं के द्वारा बनाई गई पी पी ई किट की मांग बहुत ज्यादा है।

रफतउद्दीन फरीद
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