दूसरे राज्यों में फंसे लोगों के लिए घर जाना होगा आसान, इस सुविधा से पहुंच सकते हैं अपने गृह जनपद

तीन मई के बाद लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर अपने घर वापस लौटने की राह देखने वाले लोगों के लिए सरकार ने रियायत दी है

By: Karishma Lalwani

Published: 05 May 2020, 08:30 AM IST

लखनऊ. कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन को 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। हालांकि, इस बार लॉकडाउन में कुछ ढील दी गई है, जिसमें कुछ दुकानें खोलने के साथ-साथ दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को उनके गृह जनपद पहुंचाने के लिए स्पेशल ट्रेन चलाए जाने की व्यवस्था शुरू की गई है। तीन मई के बाद लॉकडाउन खत्म होने का इंतजार कर अपने घर वापस लौटने की राह देखने वाले लोगों के लिए सरकार ने यह रियायत दी है। इसमें राज्य सरकार आपस में बात कर रेल मंत्रालय से स्पेशन ट्रेन चलाने की सिफारिश कर सकते हैं। लेकिन स्पेशल ट्रेन का किराया यात्रियों को अपनी जेब से देना होगा, जो कि इस वक्त चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। फिलहाल चरणबद्ध तरीके से आंकड़े जुटाने का काम जारी है और फिर राज्य सरकारें तमाम परिस्थितियों को देखते हुए तय कर रही हैं कि किस राज्य में कितनी ट्रेन चलानी है।

यात्रियों को 15 दिन क्वारंटाइन में रखेगी सरकार

ट्रेन जिस स्टेशन से चलेंगी और जिन रास्तों से होकर गुजरेगी वहां उनके बीच पड़ने वाले स्टेशनों में ये कहीं नहीं रुकेंगी। इनमें सवार यात्री को वहां की राज्य सरकारें 15 से 21 दिन तक क्वरंटाइन में रखेंगी।

उत्तर प्रदेश की सरकार ने प्रशासन की मदद से मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इनकी जानकारी ऑनलाइन और ऑफलािन तरीके से जुटायी जा रही है। ऑफलाइन और ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत रजिस्ट्रेसन के लिए आवेदक को नाम, स्थानीय पता, उम्र, काम, पुरानी बीमारी की जानकारी सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारी देना होगी। ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत आवेदक को स्थानीय जिला प्रशासन से संपर्क कर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। ठीक इसी तरह का रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन फॉर्म भरकर भी किया जा रहा है।

यूपी में बस से रवाना किए जा रहे छात्र और मजदूर

इन ट्रेनों के संचालन पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। लेकिन यूपी में बस से मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों को उनके राज्य में पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। पहले दिल्ली बॉर्डर से यूपी के 4 लाख लोगों को लाया गया। इसके बाद कोटा से 15 हजार बच्चों को लाया गया। हरियाणा से 12 हजार श्रमिकों व कामगारों को सकुशल यूपी लाया गया है। इतना ही नहीं प्रयागराज में शिक्षारत छात्रों को उनके गृह जनपद भेजा गया। अब मध्य प्रदेश से तमाम बसें लगाकर हजारों लोगों को यूपी लाने का काम चल रहा है।

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