कोरोना से बचाव की सुविधाएँ होने तक प्रदेश की राजस्व अदालतें न खोलने की जनहित याचिका दायर

प्रदेश की नायब तहसीलदार से लेकर राजस्व परिषद तक की राजस्व अदालतों में सेनिटाईजेसन व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी कोरोना से बचाव की सहूलियतें मुहैया कराए जाने तक इन्हें न खोले जाने के आग्रह वाली एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है, जिसपर इस हफ्ते सुनवाई हो सकती है.

By: Abhishek Gupta

Published: 24 Jun 2020, 11:11 PM IST

लखनऊ. प्रदेश की नायब तहसीलदार से लेकर राजस्व परिषद तक की राजस्व अदालतों में सेनिटाईजेसन व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी कोरोना से बचाव की सहूलियतें मुहैया कराए जाने तक इन्हें न खोले जाने के आग्रह वाली एक जनहित याचिका हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दायर की गई है, जिसपर इस हफ्ते सुनवाई हो सकती है। यह याचिका बार एसोसिएसन पुरवा उन्नाव के अध्यक्ष अभय शर्मा ने दायर की है। इसमें प्रमुख सचिव गृह व प्रमुख सचिव राजस्व को पक्षकार बनाते हुए राजस्व अदालतों को खोलने सम्बंधी राज्य सरकार के बीती 19 जून के आदेश पर सवाल उठाया गया है।

याची एसोसियेसन के अधिवक्ता केके पाल के मुताबिक याचिका में प्रदेश के सभी राजस्व न्यायालयों में सेनिटाईजेसन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समेत समाजिक दूरी के साथ फिजिकल हियरिंग जैसी कोरोना से बचाव की सुविधाएँ उप्लब्ध कराए जाने के निर्देश देने की भी गुजरिश की गई है। याचिका में कहा गया है कि कोरोना जैसी घातक बीमारी से बचाव के उक्त उपायों के बगैर राजस्व अदालतें खोलने से भीड़-भाड़ की वजह से बीमारी बढ़ सकती है।

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