पर्यटक एवं तीर्ययात्री के आकर्षण का केन्द्र बनाया जायेगा

पर्यटक एवं तीर्ययात्री के आकर्षण का केन्द्र बनाया जायेगा
pilgrims places will be develop like tourism place says Dpty CM

Anil Ankur | Updated: 12 Jun 2019, 09:33:04 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

लखनऊ . उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जी ने आज प्रयागराज भ्रमण के दौरान विधिवत पूजा-आरती कर गंगा महोत्सव का शुभारम्भ किया। उन्होंने इस अवसर पर स्थानीय नवनिर्मित चबूतरे का लोकार्पण भी किया। उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए गंगा दशहरा की शुभकामनायें दी तथा प्रयागराज की धरती से प्रयागराज, प्रदेश एवं देश सभी क्षेत्रों में प्रगति करे तथा भारत विश्व गुरू का स्थान फिर से प्राप्त करे, ऐसी कामना ईश्वर से की। उन्होंने कहा कि अभी हाल में कुम्भ का भव्य आयोजन प्रयागराज की धरती पर सम्पन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सभी देवी-देवताओं एवं संतों की कृपा से वर्ष 2025 से पहले प्रयागराज को संसार के सर्वेश्रेष्ठ शहरों की श्रेणी मे देखने को मिलेगा।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि गंगा दशहरा में आज मिनी कुम्भ देखने को मिला, जिसमें श्रद्धालुओं ने भारी संख्या में गंगा में डुबकी लगायी। अविरल, निर्मल गंगा को लेकर केन्द्र सरकार एवं प्रदेश सरकार लगातार प्रयास कर रहें है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से सबकुछ अझुण्य बनाये रखते हुए प्रयास करेंगे कि विकास की गति इतनी तेज हो कि जिससे दुनिया के किसी भी कोने से तीर्थयात्री या पर्यटक भारत आयें तो, वे जब तक प्रयागराज की यात्रा न करे लें उन्हें उनकी यात्रा अधूरी लगे।

 

अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान में बालश्रम देश-दुनिया के लिए अभिशाप बन गया है। बालश्रम पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पंचायत स्तर पर कार्यवाही हो तथा इसके रोकथाम के लिए मण्डल स्तर पर कमिश्नर, जिला स्तर पर जिलाधिकारी तथा तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बने। पंचायतों को अधिकार दिये जायं। इस आशय का पत्र मुख्यमंत्री की ओर से सभी पंचायतों को दिए जांय। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग ने यूनीसेफ के सहयोग से बालश्रम को रोकने के लिए 20 जनपदों में विगत 2 वर्षों से ‘नया सबेरा’ योजना संचालित कर 150 से अधिक ग्राम पंचायतों व शहरी वार्डों को बाल श्रम मुक्त घोषित किया गया। श्रम मंत्री ने इन सभी जनपदों के ग्राम प्रधानों व पार्षदों को बाल श्रम उन्मूलन के लिए सम्मानित किया।

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