प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के विधेयक को राज्यपाल ने किया मंजूर- अब होगी और सख्ती

प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के विधेयक को राज्यपाल ने किया मंजूर- अब होगी और सख्ती

Anil Ankur | Publish: Sep, 08 2018 05:55:45 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

राज्यपाल ने 7 विधेयकों को अनुमति प्रदान की

लखनऊ। उत्तर प्रदेष के राज्यपाल राम नाईक ने षनिवार को सात विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इसी के साथ अब प्रतिबन्धित प्लास्टिक के उपयोग को सख्ती से रोका जा सकेगा क्योकि राज्यपाल ने प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबन्धित करने के विधेयक को भी मंजूरी दी है।

प्लास्टिक और थर्मोकोल में लगेगा प्रतिबंध
‘उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग ओर निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2018’ द्वारा पूर्व में अधिनियमित ‘उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग ओर निस्तारण का विनियमन) अधिनियम 2000’ की कतिपय धाराओं में संशोधन कर राज्य के अंतर्गत एक बार उपयोग वाले पाॅलीथीन/प्लास्टिक कैरी बैग और थर्माेकोल की वस्तुओं के उपयोग को रोकने हेतु प्राधिकृत अधिकारियों को किसी स्थान में प्रवेश और निरीक्षण करने के लिये सशक्त बनाने, ऐसी वस्तुओं के उपयोग, विनिर्माण, विक्रय, वितरण, भण्डारण, परिवहन, आयात या निर्यात को रोकने, दण्ड बढ़ाने तथा अधिनियम में थर्मोकोल को सम्मिलित करने का प्राविधान किया गया है।

राज्य उद्योग विकास निगम के दायित्वों को निस्तारित करने विधेयक
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने राज्य विधान मण्डल द्वारा पारित (1) उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (आस्तियों एवं दायित्वों का अन्तरण) विधेयक 2018, (2) उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2018, (3) उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2018, (4) उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक 2018, (5) उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2018, (6) उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2018, एवं (7) उत्तर प्रदेश प्लास्टिक और अन्य जीव अनाशित कूड़ा-कचरा (उपयोग ओर निस्तारण का विनियमन) (संशोधन) विधेयक 2018 को अपनी अनुमति प्रदान कर दी है।
‘उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (आस्तियों एवं दायित्वों का अन्तरण) विधेयक 2018’ के माध्यम से कम्पनी अधिनियम 1956 के अंतर्गत गठित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड की आस्तियों, दायित्वों, शक्तियों, क्रियाकलापों व कर्मचारियों को ‘उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास क्षेत्र अधिनियम 1976’ की धारा-3 के अंतर्गत गठित उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अंतरित किया गया है।
‘उत्तर प्रदेश निरसन विधेयक 2018’ द्वारा उत्तर प्रदेश की विधिक प्रणाली को सुगम बनाने एवं सुधार लाने की दृष्टि से वर्ष 1976 से पूर्व के स्थापित ऐसे 95 अधिनियमों को निरसित किया गया है जो वर्तमान में अप्रचलित एवं अनावश्यक हो चुके हैं।

उच्चतर षिक्षा सेवा आयोग संषोधन विधेयक
‘उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2018’ के माध्यम से पूर्व में अधिनियमित ‘उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम 1980’ की धारा 3-ड. की उपधारा(1) में संशोधन किया गया है। विधेयक द्वारा ऐसे अध्यापकों, जो शासनादेश दिनांक 7 अप्रैल 1998 के उपबंधों के अनुसार दिनांक 29 मार्च 2011 को या उसके पूर्व सहायता अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों में नियुक्त हों और इस अधिनियम के प्रारम्भ होने पर कार्यरत हों और मानदेय प्राप्त कर रहे हों, की सेवाओं को विनियमित करने का निर्णय लिया गया है।

लेकतंत्र सेनानी सम्मान संषोधन विधेयक
‘उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक 2018’ के माध्यम से पूर्व में अधिनियमित ‘उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम 2016’ की धारा-6 की उपधारा (1) में संशोधन किया गया है। ‘उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम 2016’ द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान राशि, निःशुल्क परिवहन सुविधा और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा अनुमन्य है। लोकतंत्र सेनानी की मृत्यु की दशा में यथास्थिति उनकी पत्नी अथवा पति को उक्त सुविधायें अनुमन्य होंगी। परन्तु 2016 के अधिनियम प्रारम्भ होने के पूर्व जिन लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु हुई थी उनके उत्तराधिकारी पत्नी या पति को उक्त सुविधायें नहीं प्राप्त हो रही थी। ‘उत्तर प्रदेश लोकतंत्र सेनानी सम्मान (संशोधन) विधेयक 2018’ द्वारा 2016 के अधिनियम के पूर्व जिन लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु हुई थी उनके उत्तराधिकारियों को भी सम्मान राशि, निःशुल्क परिवहन सुविधा और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा अनुमन्य की गई है।

उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2018
‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (संशोधन) विधेयक 2018’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश में चीनी कारखानों द्वारा उत्पादित शीरा के नियंत्रण, भण्डारण, श्रेणीकरण, कीमत और उसकी आपूर्ति एवं वितरण के लिए अधिनियमित किये गये ‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964’ की कतिपय धाराओं में संशोधन कर आर्थिक दण्ड की धनराशि में वृद्धि की गयी है तथा अवैध शीरा तथा ऐसे पात्र या पैकेज जिसमें शीरा रखा गया हो, को ले जाने में प्रयुक्त कोई पशु, गाड़ी, जलयान, कंटेनर या वाहन को जब्त करने का प्राविधान किया गया है।

उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2018
उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2018’ द्वारा पूर्व में अधिनियमित ‘उत्तर प्रदेश शीरा नियंत्रण अधिनियम 1964’ की धारा 2 के खण्ड-(घ) में शीरे की परिभाषा को संशोधित किया गया है। शीरे की परिभाषा में बी-हैवी मोलासेस को शामिल किया गया है जिसमें अपेक्षाकृत अधिक शर्करायुक्त अंश होते हैं। पेट्रोलियम आयातों को कम करने तथा विदेशी मुद्रा की बचत के उद्देश्य से भारत सरकार ने शीरे से एथनाॅल के उत्पादन की योजना बनायी है तथा पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथनाॅल मिश्रित करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार की मंशा के अनुरूप बी-हैवी मोलासेस से अधिक एथनाॅल उत्पादन के लिये शीरे की परिभाषा में संशोधित कर बी-हैवी मोलासेस को जोड़ा गया है।

 

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