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Opinion : अश्लीलता के नाम पर देश के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

बाल दिवस के दिन शुरू हुआ बाल यौन शोषण सामग्री को इंटरनेट पर डालने वालों के खिलाफ अभियान क्या सफल होगा?

लखनऊ

Published: November 18, 2021 02:53:45 pm

बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर डालने को लेकर सीबीआई की टीम देशभर में ताबड़तोड कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही यूपी के 11 शहरों में भी सीबीआई लोगों के घरों में छापेमारी कर रही है। सीबीआई की गिरफ्त में आए आरोपियों के नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है। जांच में खुलासा हुआ है कि बच्चों के अश्लील वीडियो बनाकर विदेशों में बेचे जा रहे थे। ऐसा नहीं है कि सीबीआई पहली बार इस तरह की कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी यूपी में बाल शोषण के मामले में कार्रवाई हुई हैं, लेकिन वह महज खानापूर्ति रही हैं। यही वजह है कि इस तरह के गंभीर अपराधों में लिप्त लोग फिर से ढांचा तैयार कर देश के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।
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बाल दिवस के दिन सीबीआई ने बाल यौन शोषण सामग्री को इंटरनेट पर डालने वालों के खिलाफ अभियान छेड़ है। यूपी की बात करें तो यहां नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, जालौन, झांसी, गाजीपुर, मऊ, चंदौली, सिद्धार्थनगर और वाराणसी में छापे मारकर अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि आधा दर्जन को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई की टीम आरोपियों की धरपकड़ करते हुए उनसे लंबी पूछताछ कर रही है, ताकि देशभर में फैले इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। मुगलसराय निवासी युवक सूरज से पूछताछ में पता चला है कि दोस्ती के नाम पर वह कई ग्रुप से जुड़ा था। उन ग्रुप्स में विदेशी नंबरों से लिंक भेजे जाते थे, जिनमें अश्‍लील वीडियो होते थे। हालांकि कुछ दिन पहले उसने कुछ ग्रुप डिलीट कर दिए थे। सीबीआई की टीम ने सूरज के साथ कई अन्य लोगों के भी मोबाइल जब्त किए हैं।
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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों की मानें तो 2019 के मुकाबले साल 2020 में बच्चों के अश्लील वीडियो बनाने और शोषण के मामलों में 400 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सीबीआई की छापेमारी में मिल रहे सबूत इसकी पुष्टि कर रहे हैं। इस छापेमारी में सीबीआई को बड़ी तादाद में आपत्तिजनक दस्तावेज और डेटा मिला है। जबकि देश में बच्चों के अश्लील वीडियो बनाना, शेयर करना, सेव करना और देखना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद ये गंदा धंधा तेजी से पैर पसार रहा है। अब समय आ गया है कि न केवल इस गंभीर अपराध को जड़ से खत्म किया जाए, बल्कि इसमें लिप्त लोगों को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसा करने की सोचे भी नहीं।

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