यूपी के सीएम हैं ये, मोदी और अमितशाह की है पहली पसंद

यूपी के सीएम हैं ये, मोदी और अमितशाह की है पहली पसंद
narendra modi and amit shah

Santoshi Das | Publish: Mar, 14 2017 05:59:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिले स्पष्ट जनाधार के बाद यह चर्चा तेज़ हो गई है की प्रदेश की कमान केशव प्रसाद मौर्य को सौंपी जाएगी

लखनऊ.प्रदेश विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिले स्पष्ट जनाधार के बाद यह चर्चा तेज़ हो गई है की प्रदेश की कमान केशव प्रसाद मौर्य को सौंपी जाएगी। सूत्रों की मानें तो योगी आदित्यनाथ से पहले केशव का ही नाम सीएम के लिए सबसे आगे है। हालांकि सीएम फेस की घोषणा 16 मार्च को होगी मगर यूपी की बागडोर केशव को देने का ज़िक्र हो रहा है तो इसके पीछे यह हैं ख़ास वजहें।


बीजेपी  राष्ट्रिय अध्यक्ष और यूपी में बीजेपी को जीत दिलाने वाले रणनीतिकार अमित शाह लगातार यह संकेत दे रहे थे की यूपी का सीएम साफ़ -सुथरी छवि वाला शख्स ही होगा। अगर सीएम पद के लिए दावेदारों पर नज़र डालें तो केशव प्रसाद की छवि पर कोई दाग नहीं है। इतना ही नहीं केशव को चुनाव से ठीक पहले अध्यक्ष बनाया जाना भी उनकी पार्टी में लोकप्रियता को साबित कर रहा है।

केशव के बारे में जान लें यह बातें

केशव का जुड़ाव संघ से है। बीजेपी हमेशा साफ़-सुथरी छवि को महत्ता देता है उदाहरण के तौर पर देवेंद्र फड़नवीस को गोवा का सीएम बनाया गया। केशव भी संघ से जुड़े हुए हैं और उनकी छवि साफ़ है। इसके साथ वह ओबीसी वोट के मजबूत दावेदार हैं। यूपी में मिली ऐतिहासिक जीत के पीछे उनका चेहरा भी एक बड़ी वजह है जिससे ओबीसी और ईबीसी वोट बैंक का रुझान बीजेपी की तरफ गया था।

भाजपा में गाहे बगाहे सीएम फेस के लिए मनोज सिंघ का भी नाम सामने आ रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री मनोज की तारीफ़ पीएम मोदी ने खुद ही की है। वह भी सीएम फेस की रेस में प्रबल दावेदार हैं। हालांकि वोटबैंक के लिए बीजेपी मनोज को नज़रअंदाज़ कर सकती है।

बीजेपी में ख़ास रणनीतिकार दिनेश शर्मा लखनऊ के मेयर हैं और बीजेपी के चुनिंदा चेहरों में शुमार हैं। दिनेश शर्मा को पार्टी लगातार बड़ी जिमीदारियां सौंप रही है। वह पार्टी के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष बनाये गए और गुजरात का पार्टी प्रभारी चुने गए। मगर सीएम फेस के लिए उनके नाम को आगे रखने की बात अभी उतनी प्रमुखता से नहीं ली जा रही है।

आदित्यनाथ के वर्चस्व से हर कोई वाकिफ है। यूपी चुनाव से पहले सिर्फ पूर्वांचल में सीमित रहे योगी को बीजेपी ने स्टार प्रचारक बनाया और उन्होंने पश्चिम यूपी में पार्टी के लिए धुंआधार प्रचार किया। उन्होंने सबसे  वोट जुटाने की हर संभव कोशिश भी की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में योगी के प्रचार का असर चुनाव के नतीजों में भी देखने को मिल गया। वेस्ट यूपी में बीजेपी को अच्छे से वोट मिले। हालांकि आदित्यनाथ खुद को सीएम फेस से बाहर मान रहे हैं।
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