पीएम मोदी को चाहिए चौकीदार प्रस्तावक, राहुल के प्रस्तावक परंपरागत

पीएम मोदी को चाहिए चौकीदार प्रस्तावक, राहुल के प्रस्तावक परंपरागत

Ruchi Sharma | Publish: Apr, 22 2019 05:27:57 PM (IST) | Updated: Apr, 22 2019 05:27:58 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

प्रमुख उम्मीदवारों ने प्रस्तावक बनाने में जातीय समीकरण का रखा ध्यान

पत्रिका इनडेप्थ स्टोरी
लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऐसे विश्वसीय चौकीदारों की तलाश है जो वाराणसी से उनके नामांकन के समय प्रस्तावक बन सकें। मोदी 26 अप्रेल को अपना पर्चा भरने पाले हैं। भाजपा पीएम मोदी का ऐसा प्रस्तावक बनाना चाहती है जिसका बड़ा संदेश मतदाताओं में जाए। हालांकि अभी तक डोम राजा से लेकर उस्ताद बिसमिल्ला खां के पोते नासिर अब्बास तक इस दौड़ में हैं। इस बीच पत्रिका ने प्रमुख राजनेताओं के प्रस्तावकों की पड़ताल की तो पता चला कि प्रस्तावक बनाने में भी नेताओं ने जातीय समीकरण का ख्याल रखा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावक करीब-करीब पुराने लोग ही हैं। जबकि सोनिया गांधी ने भी अपने विश्वस्त लोगों को ही अपना प्रस्तावक बनाया है।


2014 में वाराणसी में पीएम मोदी के चुनाव प्रस्तावक मशहूर शास्त्रीय गायक छन्नूलाल मिश्र, गिरिधर मालवीय, नाविक भद्रा प्रसाद निषाद और बुनकर अशोक कुमार शामिल थे। इस इस बार मोदी के नामांकन के लिए प्रस्तावक के तौर पर चौकीदारों की तलाश है। इसलिए ऐसे चौकीदार की तलाश है, जो स्वच्छ छवि का हो और उस पर कोई आरोप न हों।


कौन किसका प्रस्तावक
राहुल गांधी,अमेठी


कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अमेठी में चुनाव प्रस्तावक मुसाफिरखाना के ब्लॉक प्रमुख राम बरन मौर्य, गौरीगंज से विधानसभा प्रत्याशी रहे मोहम्मद नईम, पूर्व विधायक राधेश्याम धोबी और एमएलसी दीपक सिंह हैं। इनमें से अधिकतर पुराने लोग हैं। यह पहले भी राहुल के प्रस्तावक रह चुके हैं।


सोनिया गांधी, रायबरेली


रायबरेली में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए नेता के चुनाव प्रस्तावकों में रायबरेली जिला अध्यक्ष बीके शुक्ल, पूर्व विधायक अशोक सिंह, सरोज रावत और पीसीसी सदस्य कमलाकर वर्मा शामिल हैं। सोनिया ने भी अपना प्रस्तावक बनाने में पुराने कांग्रेसियों को तरजीह दी है। इनमें ऐसे नाम भी शामिल हैं जो जातीय समीकरण के आधार पर भी फिट बैठते हैं।


मुलायम सिंह यादव, मैनपुरी


समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायक सिंह यादव मैनपुरी चुनाव लड़ रहे हैं। इनके प्रस्तावकों में सांसद तेज प्रताप यादव, सदर विधायक राजकुमार यादव, विधायक करहल सोबरन सिंह यादव, बीएसपी जिला अध्यक्ष शुभम सिंह शामिल हैं। बसपा नेता को प्रस्तावक बनाकर अखिलेश यादव ने गठबंधनधर्म को निभाया है। इनमें से कई नेता पुराने सपाई हैं। इनका क्षेत्र में अच्छा प्रभाव है।


अखिलेश यादव,आजमगढ़


समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आजमगढ़ से चुनाव मैदान में उतरे हैं। सपा नेता के प्रस्तावकों में पूर्व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव और शाह आलम का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। दोनों ही नेताओं की स्थानीय स्तर पर बड़ी मजबूत पकड़ है। अखिलेश ने हिंदू मुस्लिम एकता को संदेश देने के लिए मुस्लिम को भी अपना प्रस्तावक बनाया है।


डिंपल यादव,कनौज


अखिलेश यादव की पत्नी और कनौज से सपा सासंद डिंपल यादव एक बार फिर से कन्नौज से नामांकन किया है। यहां उन्होंने प्रस्तावक बनाने का भरोसा क्षेत्रीय स्तर पर पार्टी के बड़े नामों पर जताया है। उनके प्रस्तावकों में सदर विधायक अनिल दोहरे, पूर्व विधायक अरविंद यादव, नगर पालिका परिषद कन्नौज चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता और पूर्व विधायक ताहिर हुसैन सिद्दीकी आदि प्रमुख हैं।

कौन बन सकता है प्रस्तावक


पीपुल्स रिप्रजेंटेशन एक्ट के मुताबिक उम्मीदवार के लिए यह जरुरी नहीं है कि वह जहां से चुनाव लड़ रहा है वहीं का निवासी हो, लेकिन प्रस्तावक के लिए जरूरी है वह संबंधित लोकसभा क्षेत्र का ही निवासी होना चाहिए। राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त पार्टी के लिए कम से कम एक प्रस्तावक जरूरी है जबकि निर्दलीय प्रत्यासी के लिए कम से कम दस प्रस्तावक जरूरी हैं।

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