जानिये पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का पॉलिटिकल कैरियर, पश्चिमी यूपी में BSP का ब्राह्मण चेहरा

जानिये पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय का पॉलिटिकल कैरियर, पश्चिमी यूपी में BSP का ब्राह्मण चेहरा
Ramveer upadhyay

Rohit Singh | Publish: Dec, 02 2016 12:52:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

उनकी पत्नी 2009 लोकसभा चुनाव  यूपी की फतेहपुर सीकरी सीट से सांसद रह चुकी हैं। उनके एक पुत्र और दो पुत्री हैं।

लखनऊ। रामवीर उपाध्याय का जन्म 1 अगस्त 1957 को उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के बामौली में हुआ था। उनके पिता का नाम रामचरन उपाध्याय था। उन्होंने मेरठ विश्वविद्यालय से एमए-एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की। उनका विवाह 14 फरवरी 1985 को सीमा उपाध्याय से हुआ।

उनकी पत्नी 2009 लोकसभा चुनाव  यूपी की फतेहपुर सीकरी सीट से सांसद रह चुकी हैं। उनके एक पुत्र और दो पुत्री हैं। राजनीति में आने से पहले उनका मुख्य व्यवसाय कृषि और वकालत थी। वकालत के दौरान उनका रुझान राजनीति की तरफ बढ़ा और धीरे-धीरे उनकी दखलअंदाजी बसपा में बढ़ने लगी। उसके बाद वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बसपा के प्रमुख ब्राह्मण चेहरे के रूप में उभरकर सामने आये।

ये भी पढ़ें : मायावती ने इस सीट पर घोषित किया प्रत्याशी


1996 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर हाथरस जिले की सिकंदराराऊ विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। मार्च 1997 से सितंबर 1997 तक वह मायावती सरकार में परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री रहे। उसके बाद वह कल्याण सिंह सरकार में एक महीने के लिए अक्टूबर 1997 तक फिर से परिवहन एवं ऊर्जा मंत्री बनाया गया।

फरवरी 2002 में हुए 14 वीं विधानसभा के चुनाव में एक बार फिर वह बसपा से अपनी पुरानी सीट से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वह मई 2002 से अगस्त 2003 तक मायावती सरकार में ऊर्जा एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बनाया गया।  साथ ही वह 2002 से 2003 के बीच नियम समिति के सदस्य रहे।

ये भी पढ़ें : 'बसपा' सुप्रीमों मायावती का 'घोषणापत्र'!इन बिंदुओं पर चुनाव लड़ने की तैयारी

विधानसभा चुनाव 2007 में वह तीसरी बार उसी सीट से विधायक चुने गए। जिसके बाद मायावती सरकार में मई 2007 से मार्च 2012 तक ऊर्जा मंत्री रहे। 2012 विधानसभा चुनाव में वह सिकंदराराऊ सीट से चौथी बार विधायक चुने गये।

चुनाव में बसपा की करारी हार के बाद पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी मायावती ने रामवीर उपाध्याय को सौंप दी। हार के बाद उन्हें बसपा के विधानमंडल दल का मुख्य सचेतक बनाया गया। 2012 से 2013 तक कार्य मंत्रणा समिति के सदस्य रहे। बसपा आगामी विधानसभा चुनाव 2017 के लिए रामवीर उपाध्याय को सादाबाद से प्रत्याशी बनाया है।

ये भी पढ़ें : सीएम अखिलेश देखते रहे और बसपा सुप्रीमो मायावती ने मार ली बाजी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned