7 बार रह चुके हैं विधायक, मुलायम सिंह के हैं करीबी, बोला था बच्चे पीटने पर ही पढ़ते हैं

7 बार रह चुके हैं विधायक, मुलायम सिंह के हैं करीबी, बोला था बच्चे पीटने पर ही पढ़ते हैं
ramgovind chaudhrary

Rohit Singh | Updated: 25 Dec 2016, 12:45:00 PM (IST) Luckow

जून 1977 के विधानसभा चुनाव में वह 7 वीं विधानसभा के सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए। वर्ष 1977 से 1980 तक प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे।

लखनऊ। रामगोविंद चौधरी वर्तमान में समाजवादी सरकार में पंचायती राज विभाग के मंत्री हैं। वह समाजवादी पार्टी के पुराने नेता और मुलायम सिंह यादव के करीबी माने जाते हैं। वह उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं।

रामगोविंद चौधरी का जन्म 9 जुलाई 1953 को बलिया जिले के गोसाईपुर गांव में हुआ था। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से स्नातक और एलएलबी की डिग्री प्राप्त की। उनकी पत्नी का नाम कलावती देवी है। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत वकालत से की और उसके बाद वह राजनीति में उतरे।

जून 1977 के विधानसभा चुनाव में वह 7 वीं विधानसभा के सदस्य पहली बार निर्वाचित हुए। वर्ष 1977 से 1980 तक प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे। मई 1980 में वह 8 वीं विधानसभा के सदस्य दूसरी बार निर्वाचित हुए। इसके बाद मार्च  वह नवीं विधानसभा के सदस्य तीसरी बार निर्वाचित हुए। साल 1985 में वह जनता पार्टी विधानमंडल दल के सचेतक चुना गया।

साल 1985 से 1986 तक वह अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और विमुक्त जातियों संबंधी संयुक्त समिति के सदस्य रहे। नवम्बर 1989 में वह दसवीं विधानसभा के सदस्य चौथीं बार सदस्य निर्वाचित हुए। वह 1989 से 1990 में एक बार फिर वह  अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और विमुक्त जातियों संबंधी संयुक्त समिति के सदस्य रहे।

साल 1990 से 1991 के बीच वह प्रश्न एवं सन्दर्भ समिति के सदस्य रहे। दिसम्बर 1990 से जून 1991 तक वह मुलायम सिंह यादव की सरकार में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री रहे। साल 1991 में 11 वीं विधानसभा के चुनाव में वह 5 वीं बार विधायक चुने गए। फरवरी 2002 में हुए विधानसभा चुनाव में वह 6वीं बार विधायक चुने गये। जिसके बाद उन्हें साल 2002 में समाजवादी पार्टी के विधानमंडल दल का नेता चुना गया। साल 2002 में वह सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति के सदस्य रहे।

अक्टूबर 2003 में उन्हें बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का मंत्री बनाया गया और वह 2007 तक इस पद पर कायम रहे। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में रामगोविंद चौधरी सोलहवीं विधानसभा के सदस्य 7 वीं बार निर्वाचित हुए। जिसके बाद उन्हें बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बनाया गया। इसके बाद वह बेसिक शिक्षा मंत्री भी रहे। वर्तमान में अखिलेश सरकार में वह पंचायती राज विभाग में कैबिनेट मंत्री हैं। 17 जुलाई 2012 को उन्होंने बयान दिया था कि इन दिनों बच्चों की पिटाई नहीं होती इसलिए वे पढ़ाई-लिखाई नहीं करते। उनके जमाने में बच्चों को पीटा जाता था इसलिए वे पढ़−लिख जाते थे लेकिन अब यह नहीं होता।
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