यूपी में नहीं हिट हो पाई थी स्ट्रैटेजी, अब प्रशांत किशोर खुद उतरे राजनीति के मैदान में

यूपी में नहीं हिट हो पाई थी स्ट्रैटेजी, अब प्रशांत किशोर खुद उतरे राजनीति के मैदान में

Prashant Srivastava | Publish: Sep, 16 2018 04:08:41 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी में नहीं हिट हो पाई थी स्ट्रैटेजी, अब प्रशांत किशोर खुद उतरे राजनीति के मैदान में

लखनऊ. पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट प्रशांत किशोर ने रविवार को जेडीएयू जॉइन कर ली। इससे पहले वह साल 2017 यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट थे। कांग्रेस-सपा का गठबंधन करवाने में उनकी अहम भूमिका निभाई थी। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की आज होने वाली कार्यकारिणी बैठक से पहले उन्हें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी की सदस्यता दिलाई। इधर कांग्रेस ने पीके पर निशाना है।

यूपी कांग्रेस के मीडिया पैनेलिस्ट सुरेंद्र राजपूत ने ट्वीट किया है कि प्रशांत किशोर के जाने का हार्दिक स्वागत, जो हाल उत्तर प्रदेश में हमारा किया था प्रशांत किशोर ने उस से बुरा हाल वो नीतीश जी और जेडीयू का करेगा, बहुत नज़दीकी है उसकी भाजपा से। वहीं कई अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी पीके पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर तमाम पोस्ट किए हैं।

यूपी में खाली कर दिया था ऑफिस

बता दें कि यूपी में प्रशांत किशोर ने जॉपलिंग रोड स्थित ऑफिस कई महीने पहले ही बंद कर दिया था। उन्होंने लखनऊ में जॉपलिंग रोड स्थित सूरजदीप कॉम्लेक्स में आईपीएसी का ऑफिस खोला था। समजावादी पार्टी के साथ गठबंधन में भी उनकी भूमिका अहम थी। पीके की टीम इससे पहले विधान सभा चुनाव में नीतिश कुमार के लिए भी कैंपेनिंग कर चुकी थी। वहीं टीम के कई मेंबर्स प्रशांत किशोर के साथ लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी के लिए भी कैंपेनिंग कर चुके थे। सूत्रों के मुताबिक जिस दिन रिजल्ट आया था उसी दिन प्रशांत किशोर की टीम ने ऑफिस खाली कर दिया था।

 

लगभग 150 स्टूडेंट्स जुड़े थे इस टीम से

पीके की इस टीम से लगभग 150 युवा जुड़े थे। इनमें से ज्यादातर वही हैं जो पीके के साथ नीतीश कुमार के कैंपन में काम कर चुके थे। इस टीम में इंजीनियर, मार्केटिंग मैनेजर, लॉ-एक्सपर्ट, ग्राफिक डिजाइनर व पत्रकारिता से जुड़े युवा भी शामिल थे। टीम का मुख्य काम काम सोशल मीडिया पर यूपी कांग्रेस को मजबूत करना थे। इसके लिए टीम ने स्ट्रैटेजी बनाना बीते साल अगस्त से शुरू कर दी है। सपा से गठबंधन होने के बाद टीम के कई सदस्य समाजवादी पार्टी के आईटी सेल के मिलकर यूपी को यह साथ पसंद है को प्रमोट करने में जुट गए थे।

 

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