मेक इन यूपी के मंत्र से जीतेंगे कोरोना के खिलाफ जंग, उत्तर प्रदेश की 7 कंपनियां बनाएंगी पीपीई किट

- कुशीनगर की एक संस्था ने 95 रुपए में तैयार की किट...

लखनऊ. कोरोना वायरस से बचने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा उपकरणों की जरूरत है। खास तौर पर स्वास्थ्यकर्मियों के लिए पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) किट की। जो डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टाफ अस्पतालों में जरूरी सेवा में लगे हैं, जब वे कोरोना वायरस से सुरक्षित रहेंगे, तो वह संक्रमित मरीजों सहित अन्य का इलाज कर सकेंगे। इसलिए डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के लिए के लिए पीपीई सबसे अहम है। क्योंकि बीते दिनों कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी कोरोना की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण ने होने से स्वास्थ्यकर्मी काफी परेशान हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार पीपीई किट की आपूर्ति को लेकर कई अहम कदम उठा रही है। अब कोरोना के इलाज में लगे डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के लिए पीपीई किट मेक इन यूपी के मंत्र पर उत्तर प्रदेश में भी बनाई जाएंगी। इसका सैंपल भी बना लिया गया है। अब इंतजार सिर्फ कोयम्बटूर की टेक्सटाइल लैब से हरी झंडी मिलने का है। शासन फिलहाल इस किट को देश की नामी कंपनियों से करीब 1100 रुपए में खरीद रही है। मौजूदा हालात में यह बहुत राहत भरी खबर है।

पीपीई किट (PPE Kit) का सांपल तैयार

कोरोना के संकट को देखते हुए देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया। जनता की सुरक्षा के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए उद्योग-कारखाने भी बंद हैं। मगर, इसके बाद सरकार ने आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन और आपूर्ति करने वाली इकाइयों और संस्थाओं को सोशल डिसटेंसिंग का पालन करने की शर्त के साथ संचालन कराने की प्रक्रिया शुरू की। ऐसे में एक बड़ी चुनौती इनसे पीपीई किट तैयार कराने को लेकर है। हालांकि सरकार प्रदेश में ही इसके उत्पादन कराने का प्रयास भी कर रही है और इसके लिए एमएसएमई विभाग ने गारमेंट और लेदर गारमेंट से जुड़े उद्यमियों को पीपीई के उत्पादन के लिए प्रेरित किया। जिसके बाद सात निजी कंपनियां पीपीई किट बनाने को तैयार हो गई हैं और उन्होंने सैंपल बना भी लिए हैं।

सात कंपनियां बनाएंगी किट

एमएसएमई मंत्री एवं सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह के मुताबिक प्रदेश की सात निजी कंपनियां पीपीई किट (Personal Protective Equipment) बनाने को तैयार हैं और उन्होंने सैंपल बना भी लिए हैं। इसके लिए जो भी आवश्यक औपचारिकताएं थीं, वह प्राथमिकता से पूरी करा दी गई हैं। पीपीई किट को मानकों के आधार पर स्वीकृति वस्त्र मंत्रलय की कोयम्बटूर स्थित प्रयोगशाला में मिलती है। सातों इकाइयों के सैंपल वहां भेज दिए गए हैं। यह इकाइयां गौतमबुद्ध नगर के अलावा कानपुर और आगरा की हैं। लैब से स्वीकृति मिलते ही इन कंपनियों में पीपीई किट का उत्पादन शुरू हो जाएगा।


सिर्फ 95 रुपए में पीपीई किट

कोरोना से जंग में पीपीई किट की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के लिए राहत की खबर है। कुशीनगर की एक संस्था ने महज 95 रुपए में पीपी किट तैयार की है। इस किट को बीआरडी मेडिकल कालेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग ने मंजूरी दे दी है। संस्था अपने लागत मूल्य पर किट को मुहैया कराने को तैयार है। यह बाजार मूल्य से काफी सस्ती है। इस समय सबसे ज्यादा मांग पीपी किट की है। इस किट में व्यक्ति सिर से लेकर पैर तक ढका रहता है। कुशीनगर के पडरौना में स्थित फर्म रंगोली टेक्सटाइल्स ने स्वास्थ्य विभाग की समस्या को दूर करने की पहल की। फर्म ने नॉन वुवेन फैब्रिक से पीपी किट का निर्माण किया। इसमें मॉस्क, गाउन, हेड-कवर और शू-कवर शामिल है। इसकी लागत महज 95 रुपए आई।

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नितिन श्रीवास्तव Desk/Reporting
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