प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने वाले पांच गिरफ्तार, लाखों रुपए बरामद

प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने वाले पांच गिरफ्तार, लाखों रुपए बरामद

Neeraj Patel | Updated: 17 Aug 2019, 09:33:27 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Examinations) को फर्जी तरीके से पास कराने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।

लखनऊ. एसटीएफ की प्रयागराज यूनिट ने लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Examinations) को फर्जी तरीके से पास कराने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया है और साथ ही घटना स्थल से 61 लाख रुपए भी बरामद किए हैं। एसटीएफ टीम ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें दो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं का परिणाम तैयार करने वाली एजेंसी के ही कर्मचारी शामिल हैं। साथ ही इसमें राजस्थान के दो आरोपियों को वांटेड किया गया है जिन्होंने 18 अभ्यर्थियों को राजस्थान सबार्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (Rajasthan Subordinate Service Selection Board) की परीक्षा में अच्छे अंकों से पास कराया था। जिसका खुलासा आरोपियों को एसटीएफ के द्वारा पकड़े जाने के बाद हुआ है।

एसटीएफ ने इन लोगों को किया अरेस्ट

एसटीएफ टीम (STF Team) ने एक सूचना के आधार पर लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा पार्क के गेट नंबर दो के पास से आजमगढ़ (हाल पता इंदिरा नगर लखनऊ) के विनोद कुमार गौड़, शादान खान निवासी बहराइच (हाल पता अमीनाबाद, लखनऊ), पंकज कुमार गुप्ता निवासी कर्नलगंज प्रयागराज, कमल किशोर यादव निवासी मेंहदौरी प्रयागराज और अजीत कुमार निवासी रेल बाजार जौनपुर को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ द्वारा पकड़े गए लोगों में पंकज गुप्ता और अजीत कुमार सरकारी शिक्षक हैं और कमल किशोर जीएसटी (प्रयागराज) में संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत हैं। विनोद गौड़ और शादान कंप्यूटर आपरेटर हैं। यह दोनों लोग उस एजेंसी के कर्मचारी हैं जिस एजेंसी को परीक्षाओं की डाटा इंट्री और परीक्षा परिणाम तैयार करने का टेंडर मिला था।

अभ्यर्थियों के साथ बड़े पैमाने पर ठगी

एसटीएफ के इस छापे से प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी तरीके के पास कराने वाले लोगों में हड़कम्प मचा हुआ है। यह लोग अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का झांसा देकर मोटी रकम बसूलते हैं और भोले भाले अभ्यर्थियों के साथ बड़े पैमाने पर ठगी करते हैं। जिसका खुलासा 16 अगस्त 2019 को एक गिरेह के पकड़े जाने के बाद हुआ है। एसटीएफ टीम प्रयागराज ने घटना स्थल से 61 लाख 50 हजार रुपये, एक प्रश्न पुस्तिका और दो ओएमआर शीट, 14 प्रवेश पत्र, साक्षात्कार सूची, 9 प्रमाणपत्र और प्रश्न पत्र और व्हाट्सएप चैटिंग के 68 स्क्रीन शाट बरामद किए हैं। इस गिरोह के साथ ही इतना कुछ देखकर टीम एकदम दंग रह गई।

अभ्यर्थियों से लेते थे 5 से 10 लाख रुपए

एसटीएफ टीम का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में फर्जी तरीके के पास कराने वाला गिरोह राजस्थान सबार्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड समेत तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कम से कम 5 से 10 लाख रुपए प्रति अभ्यर्थी के हिसाब से लेते हैं। जब वह अभ्यर्थी प्रतियोगी परीक्षा देने जाते हैं। इस गिरोह के कहने पर अभ्यर्थी ओएमआर शीट खाली छोड़ देते थे और बाद में इन अभ्यर्थियों को पास करने के लिए डेटा इंट्री एजेंसी में ओएमआर शीट भर दी जाती थी। इसी प्रक्रिया के माध्यम से 18 अभ्यर्थियों को राजस्थान अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंकों से पास किया गया था और उन्हीं अभ्यर्थियों से 61 लाख 50 हजार रुपये लिए गए थे जोकि जांच के दौरान पकड़े गए हैं। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह का कहना है कि राजस्थान के रमेश मीणा और धर्मेंद्र मीणा को वांटेड किया गया है जिनकी तलाश जारी हैं।

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