scriptPrecautions for covid 19 Patients in home isolation | विदेशों में संक्रमित होते ही लोग चले जाते हैं आइसोलेशन बबल में जानिए यह क्या है ये | Patrika News

विदेशों में संक्रमित होते ही लोग चले जाते हैं आइसोलेशन बबल में जानिए यह क्या है ये

आइसोलेशन बबल वह जगह है जहां कोई अकेला रहता है। इसके अंदर रहने वाले व्यक्ति का बाहरी दुनिया से संपर्क कट जाता है। आइसोलेशन बबल के लिए ऐसी जगह चुनी जाती है, जहां से निश्चित दायरे के बाहर किसी और के साथ संपर्क न हो सके। इसमें रहने वाला व्यक्ति भी इस जगह के अलावा कहीं और नहीं जा सकता। किसी विशेष प

लखनऊ

Updated: January 11, 2022 03:43:58 pm

लखनऊ. खतरनाक कोरोना वायरस एक बार फिर यूपी में अपने पैर तेजी से पसार रहा है। नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के चलते कोविड का संक्रमण पहले से ज्यादा घातक नजर आ रहा है। इस वायरस से बचने के लिए एक ही उपाय है संक्रमित होते ही रोगी खुद को आइसोलेट कर लें। आइसोलेशन का एक और रूप पूरी दुनिया में तेजी से प्रचलित हो रहा है वह आइसोलेशन बबल। जिसमें व्यक्ति आइसोलेशन बबल मे अकेला रहता है। इसके अंदर रहने वाले व्यक्ति का बाहरी दुनिया से संपर्क कट जाता है।
stay-at-home-5094617_1280.jpg

तेजी से बढ़ रहे हैं मामले


यूपी समेत पूरी दुनिया में आने वाले दिनों में कोविड के मामले और ज्यादा बढ़ सकते हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बहुत जरूरी है। कोरोना संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर उपाय होम आइसोलेशन है। जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, उन्हें होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं, कुछ लोगों में कोविड के लक्षण तो नहीं हैं लेकिन उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। उन्हें भी होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।
यह भी पढ़ें

LIC Policy: एलआईसी पॉलिसी में ऐसे बदलें नॉमिनी, स्कीम में नॉमिनी चुनना जरूरी


क्या है आइसोलेशन बबल


आइसोलेशन बबल वह जगह है जहां कोई अकेला रहता है। इसके अंदर रहने वाले व्यक्ति का बाहरी दुनिया से संपर्क कट जाता है। आइसोलेशन बबल के लिए ऐसी जगह चुनी जाती है, जहां से निश्चित दायरे के बाहर किसी और के साथ संपर्क न हो सके। इसमें रहने वाला व्यक्ति भी इस जगह के अलावा कहीं और नहीं जा सकता। किसी विशेष परिस्थिति में उन्हें बाहर जाना होता भी है, तो भी उन्हें लौटने के बाद सात दिन क्वारंटीन रहना होता है। दोबारा कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी वह बबल से जुड़ते हैं। इसके लिए ट्रैकिंग डिवाइस से निगरानी की जाती है। इसमें पता लगता है कि कौन इस बबल के अंदर है और कौन बाहर जा रहा है।
यह भी पढ़ें

E Shram Card : भूमिहीन किसान व कृषि श्रमिक बनवा सकते हैं अपना ई श्रम कार्ड


सोशल बबल भी चलन में


न्यूजीलैंड के शोधकर्ताओं ने माना कि परिवार के सदस्य एक-दूसरे से मिलते हैं तो संक्रमण के मामले कम हो सकते हैं। न्यूजीलैंड के इस शोध को 'सोशल बबल' मॉडल नाम दिया गया है। शोध के अनुसार परिवार के सदस्य, दोस्त या कलीग जो अक्सर मिलते रहते हैं उनके समूह को सोशल बबल कहते हैं। लेकिन मिलने के दौरान दूरी बरकरार रखना जरूरी है। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिसर्च कहती है कि अगर लोग छोटे-छोटे ग्रुप में एक-दूसरे से मिलें तो वायरस के संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, सोशल डिस्टेंसिंग में लोगों को भीड़ या समूह में रहने की अनुमति नहीं होती ताकि एक-दूसरे के सम्पर्क में न आएं। जबकि, सोशल बबल में घर में ही फैमिली मेम्बर्स, दोस्त या कलीग के मिलने-जुलने की इजाजत रहती है लेकिन बात करते समय उनके बीच पर्याप्त दूरी जरूरी होती है। जर्मनी और न्यूजीलैंड में इसे लागू किया जा चुका है और ब्रिटेन में भी यह अपनाया जा रहा है।
यह भी पढ़ें

पीएफ खाते के लिए अनिवार्य हुआ ई-नॉमिनेशन, पीएफ खाता तो खुद को नुकसान से जल्द बचाएं


संक्रमित मरीजों को होते हैं यह लक्षण


-सबसे पहले गले में खराश, रूखापन या जलन होना।
- इसके बाद नाक बंद होना। सूखी खांसी आना जैसी समस्या आती है। यानी कि शुरुआती तौर पर अपर रेस्पिरेट्री ट्रैक से जुड़ी समस्याएं होती है।
- इसके बाद शरीर में दर्द होने जैसी समस्याएं होती हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Health Tips: रोजाना बादाम खाने के कई फायदे , जानिए इसे खाने का सही तरीकाCash Limit in Bank: बैंक में ज्यादा पैसा रखें या नहीं, जानिए क्या हो सकती है दिक्कतSchool Holidays in January 2022: साल के पहले महीने में इतने दिन बंद रहेंगे स्कूल, जानिए कितनी छुट्टियां हैं पूरे सालVideo: राजस्थान में 28 जनवरी तक शीतलहर का पहरा, तीखे होंगे सर्दी के तेवर, गिरेगा तापमानJhalawar News : ऐसा क्या हुआ कि गुस्से में प्रधानाचार्य ने चबाया व्याख्याता का पंजामां लक्ष्मी का रूप मानी जाती हैं इन नाम वाली लड़कियां, चमका देती हैं ससुराल वालों की किस्मतAaj Ka Rashifal - 24 January 2022: कुंभ राशि वालों की व्यापारिक उन्नति होगीMaruti की इस सस्ती 7-सीटर कार के दीवाने हुएं लोग, कंपनी ने बेच दी 1 लाख से ज्यादा यूनिट्स, कीमत 4.53 लाख रुपये

बड़ी खबरें

Covid-19 Update: दिल्ली में बीते 24 घंटों में आए कोरोना के 5,760 नए मामले, संक्रमण दर 11.79%Republic Day 2022 parade guidelines: कोरोना की दोनों वैक्सीन ले चुके लोग ही इस बार परेड देखने जा सकेंगे, जानिए पूरी गाइडलाइन्सएमपी में तैयार हो रही सैंकड़ों फूड प्रोसेसिंग यूनिट, हजारों लोगों को मिलेगा कामकांग्रेस के तीन घोषित प्रत्याशी पार्टी छोड़ कर भागे, प्रियंका गांधी हुई हैरानDelhi Metro: गणतंत्र दिवस पर इन रूटों पर नहीं कर सकेंगे सफर, DMRC ने जारी की एडवाइजरीराज्य की तकदीर बदलने वाली योजनाएं केन्द्र में अटकीकोरोना में स्कूल हुए बंद तो बच्चों के घर-आंगन में जाकर पढ़ाया, गणतंत्र दिवस के दिन 36 शिक्षक होंगे सम्मानित, तीनों ब्लॉक से किया चयनहाइटेंशन तार से टकराया मालवाहक, ड्राइवर की मौत, इधर बाइक चालक टकराए मवेशी से, सवार महिला की मौत
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.