मंदी को लेकर प्रियंका गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला, कहा - बहानेबाजी, बयानबाजी और अफवाहें फैलाने से काम नहीं चलेगा

मंदी को लेकर विपक्षी लगातार भाजपा सरकार को घेरे हुए है।

लखनऊ. मंदी को लेकर विपक्षी लगातार भाजपा सरकार को घेरे हुए है। इसी क्रम में आज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर भाजपा की सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि काउंटडाउन: हर दिन मंदी की खबर और हर दिन भाजपा सरकार की इस पर खामोशी: दोनों बहुत खतरनाक हैं। इस सरकार के पास न हल है न देशवासियों को भरोसा दिलाने का बल है। सिर्फ बहानेबाजी, बयानबाजी और अफवाहें फैलाने से काम नहीं चलेगा।

 

 

 

बिजली दरों पर भी किया ट्वीट

उत्तर प्रदेश में बिजली की दरें तकरीबन 12 फीसदी तक महंगी हो गईं हैं। इससे सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरें अधिकतम 60 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ाई गई हैं। इस पर विपक्षियों ने भाजपा सरकार को खूब घेरा है। बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के बाद अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिजली दरों में वृद्धि पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाते हुए योगी सरकार से सवाल किया है कि क्या सरकार खजाना खाली कर इसकी वसूली जनता से कर रही है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर सरकार से सवाल किया है कि 'पहले महंगे पेट्रोल-डीजल का बोझ और अब महंगी बिजली की मार, उप्र की भाजपा सरकार आम जनता की जेब काटने में लगी है। क्यों? खजाने को खाली करके भाजपा सरकार अब वसूली जनता पर महंगाई का चाबुक चला कर रही

बसपा सुप्रीमो ने बोला हमला

इससे पहले बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर भाजपा को घेरा। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों को बढ़ाने को मंजूरी देना पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है। इससे प्रदेश की करोड़ों खासकर मेहनतकश जनता पर महंगाई का और ज्यादा बोझ बढ़ेगा व उनका जीवन और भी अधिक त्रस्त व कष्टदायी होगा। सरकार इस पर तुरंत पुनर्विचार करे तो यह बेहतर होगा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी किया ट्वीट

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बिजली की बढ़ी दरों पर सरकार पर वार किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एक तरफ घटती आय व मांग और बढ़ती लागत की वजह से देश की उत्पादकता दर लगातार नीचे जा रही है वहीं प्रदेश में बिजली की दरें ऊपर जा रही हैं। कारोबारी व जनता सब त्रस्त हैं। उप्र में निवेश की घोषणाएं भी थोथी साबित हो रही हैं, क्योंकि इनके लिए कोई भी बैंक पैसा लगाने के लिए तैयार नहीं है।

आकांक्षा सिंह
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