Court-Police-CBI से राजा भइया का रहा है पुराना नाता

Court-Police-CBI से राजा भइया का रहा है पुराना नाता

उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में शुमार रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का विवादों से बहुत पुराना नाता रहा है

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेताओं में शुमार रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का विवादों से बहुत पुराना नाता रहा है। यह कोई पहली बार नहीं है जब उन्हें कोर्ट, पुलिस और सीबीआई के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे पहले भी वे कई बार इन समस्याओं से दो चार हो चुके हैं। राजा भैया सपा सरकार के इसी कार्यकाल में एक बार सीओ कुंडा रहे। जियाउल हक के ह्त्या के मामले में अपना मंत्री पद गंवा चुके हैं। उस समय राजा खाद्य एंव रसद विभाग के साथ जेल मंत्री भी थे। जब उन्हें जेल मंत्री बनाया गया तब भी काफी विवाद हुआ था। राजा भैया पर ऐसे-ऐसे आरोप हैं जिनसे वे हमेशा सुर्खियों में रहे। राजा भैया के तालाब से कंकाल मिलने का मामला तो कई दिनों तक सुर्खियों में रहा।

कौन है राजा भैया

रघुराज प्रताप सिंह का जन्म 31 अक्टूबर 1967 को पश्चिम बंगाल में हुआ था। राजा भैया 1993 और 1996 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित, तो 2002, 2007 और 2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी (सपा) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए। वर्ष 2012 विधानसभा चुनाव में सपा को पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद निर्दलीय विधायक के रूप में जीते। राजा भैया को अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2012 के विधानसभा चुनाव के दौरान राजा भैया ने चुनाव आयोग में जो हलफनामा जमा किया था उसके मुताबिक उनके खिलाफ आठ मामले लंबित हैं।

कई सरकारों में रह चुके हैं मंत्री

राजा भैया के सियासी रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह भाजपा की कल्याण सिंह सरकार, राम प्रकाश गुप्ता सरकार और राजनाथ सिंह सरकार के अलावा सपा की मुलायम सिंह सरकार में भी मंत्री बनाए गए थे।

खाद्य घोटाले में आया था नाम

इससे पहले सीबीआई के हत्थे चढ़े रघुराज प्रताप सिंह के पूर्व पीआरओ रहे राजीव कुमार यादव ने आरोप लगाया था कि राजा भैया खाद्य घोटालें में भी शामिल है। इस खाद्य घोटाले की जांच कर रही सीबीआई को राजीव ने कुछ कागजात भी मुहैया कराए थे। गौरतलब है मुलायम सिंह की सरकार में भी खाद्य एवं रसद मंत्री रहे रघुराज प्रताप सिंह के तत्कालीन पीआरओ राजीव कुमार यादव ने सीबीआई की एसीबी शाखा के एसपी से 18 दिसंबर 2011 को व्यक्तिगत तौर पर मिलकर रघुराज प्रताप के खिलाफ खाद्यान्न घोटाले की शिकायत की थी। इसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया और मंत्री पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।

पुलिस उपाधीक्षक की हत्या कराने का आरोप

राजा भैया पर उनके घर पर छापा मारने वाले पुलिस उपाधीक्षक राम शिरोमणि पांडे की हत्या करवाने का आरोप है। राम शिरोमणि पांडे की संदेहास्पद परिस्थिति में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। तमाम अपराधों में नाम के बावजूद कोई सरकार किन्हीं कारणों से उन पर कार्रवाई की हिम्मत नहीं दिखा पाई।

मायावती ने जेल भेजकर लगवाया था पोटा

बसपा सरकार के दौरान मायावती ही ऐसी मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने राजा भैया को सलाखों के पीछे भेजा था। वर्ष 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावाती ने राजा भैया को जेल के अंदर भेजने के बाद उन पर पोटा भी लगा दिया। हालांकि अब ये कानून खत्म हो चुका है। मायावती ने राजा के प्रतापगढ़ स्थित एक तालाब की जब खुदाई करवाई तो वहां सैकड़ों नर कंकाल निकले थे। कहा जाता है कि इस तालाब में मगरमच्छ पाले जाते थे और उनके दुष्मनों को इसमें मौत मिलती थी। साल 2010 में पंचायत चुनाव के दौरान कुंडा में हुई हिंसा में एक उम्मीदवार को जान से मारने के प्रयास के आरोप में मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर उन्हें जेल में डलवाया था। उस समय राजा भैया करीब एक साल तक जेल में बंद रहे।

राजा की दबंगई पर बन रही फिल्म

उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की कहानी अब फिल्मी पर्दे पर भी दिखेगी। इसकी शूटिंग भोपाल में भी हो चुकी है। इस फिल्म को डायरेक्टर मनीष सोनी बना रहे हैं। सोनी के अनुसार फिल्म राजनीति पर आधारित है। फिल्म में युवाओं को अपने हक की लड़ाई लड़ते दिखाया गया है। फिल्म से जुड़े लोगों के अनुसार, कहानी का ज्यादातर भाग उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता राजा भैया पर आधारित है। इस फिल्म में दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम कर चुकी खुशी मुखर्जी लीड हिरोइन हैं। राजा भैया का किरदार पीयूष सुहाने निभा रहे हैं। पीयूष सुहाने प्रकाश झा की फ्रॉड सैंया फिल्म में भी लीड नेगेटिव रोल में दिखेंगे।
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