लिटरेरी फेस्टिवल में ABVP कार्यकर्ताओं ने कन्हैया के खिलाफ लगाए नारे

अपनी किताब पर चर्चा के लिए पहुंचे कन्हैया कुमार पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। Lucknow Literary festival में कन्हैया के खिलाफ लगे नारे...

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Published: 10 Nov 2017, 11:13 PM IST

लखनऊ. राजधानी लखनऊ में शुरू हुए तीन दिवसीय लखनऊ लिटरेरी फेस्टिवल के पहले दिन जमकर बवल हुआ। शिरोज हैंगआउट में चल रहे लिटरेरी फेस्टिवल में अपनी किताब 'बिहार से तिहाड़' पर चर्चा के लिए पहुंचे कन्हैया कुमार पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। कन्हैया कुमार जैसे ही मंच पर बोलने पहुंचे एबीवीपी के कार्यकर्ता मंच पर पहुंच गए और 'कन्हैया कुमार वापस जाओ' के नारे लगाते हुए हंगामा करने लगे। कुछ कार्यकताओं ने कन्हैया कुमार पर हमला करने का प्रयास भी किया।

हंगामा बढ़ता देखा आयोजक वहां पहुंचे।इस कार्यक्रम को आयोजित कर रहीं शिरोज हैंगआउट की एसिड अटैक पीड़ितों ने भी वहां पहुंचकर बीच-बचाव किया। उन्होंने हाथ जोड़कर कहा - कन्हैया देशद्रोही नहीं है।हंगामे के बाद मंच पर बोलने पहुंचे कन्हैया कुमार ने संघ, बीजेपी और एबीवीपी पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग मेरा विरोध करने आए थे, मैं उनका भी स्वागत करता हूं। लखनऊ तहजीब का शहर है, और यह तस्वीर लखनऊ की नहीं हो सकती। मैं पहली बार देख रहा हूं कि किसी लिटरेरी फेस्टिवल में मेरा इस तरह का राजनैतिक विरोध हो रहा है। एबीवीपी को कटघरे में खड़ा करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि अगर आपको विरोध ही करना था तो इस सेशन से पहले सवाल पूछकर विरोध कर सकते थे।

पीएम और सीएम पर साधा निशाना

कन्हैया ने इस दौरान पीएम मोदी से लेकर सीएम योगी तक पर निशाना साधा। वह बोे, प्रधानमंत्री की तरह मंच को सेल्फी खींचने का मंच मत बनाइए। मैं स्वतंत्रता सेनानी के परिवार से हूं। मुझे कोई इतनी जल्दी नहीं हरा सकता है। सीएम योगी पर बोलते हुए कन्हैया ने कहा कि ये योगी जी का शहर है। नए तरह का राम राज्य यहां आ रहा है। राम जी राजपाठ छोड़कर वनवास चले गए थे, योगी जी वनवास से यहां आ गए हैं।

कन्हैया बोले- ''मैं बीआरडी में बच्चों की मौत पर दुःख जताता हूं। आरएसएस के एक कार्यकर्ता बम बनाते हुए जान गंवा बैठे। मैं उनके लिए भी शोक संवेदना प्रकट करता हूं।'' इसी बीच किसी ने कन्हैया से पूछा- ''आपके हाथ कब पीले होंगे?'' उन्होंने कहा- ''जिस दिन देश सामंतवादी हो जाएगा। उस दिन मुझे लड़की चुनने की जरूरत नहीं होगी, लड़की खुद चुन लेगी। शादी करूंगा तो प्रधानमंत्री की तरह छिपाऊंगा नहीं।''कन्हैया कुमार अपनी किताब 'बिहार से तिहाड़' के विमोचन के लिए लिटरेरी फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए आए थे। पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी को किताब का विमोचन करना था। लेकिन हंगामे के चलते उन्होंने मंच पर आने से मना कर दिया। इस पर कन्हैया कुमार ने कहा कि अपनी किताब का विमोचन मैं खुद ही करूंगा।

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