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…जब डाक विभाग के अफसरों ने नहीं की कार्रवाई तो लोगों का इस तरह फूटा गुस्सा

डाक विभाग के उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

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लखनऊ. डाक विभाग की लापरवाही पर जब राजधानी के डाक विभाग के उच्च अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने निलमथा डाकघर में प्रदर्शन किया और लापरवाह पोस्टमैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पिछले एक साल से अधिक समय से इस डाकघर में तैनात पोस्टमैन चिट्ठियों का वितरण नहीं कर रहा है। जो लोग डाकघर पहुंचते हैं, सिर्फ उन्हें ही चिट्ठी मिल पाती है। दिलकुशा डाकघर के अधीन आने वाले निलमथा शाखा डाकघर को लेकर स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से शिकायत की थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय लोगों ने मंगलवार को डाकघर में प्रदर्शन किया।

हंगामे पर पहुंची पुलिस

निलमथा डाकघर में स्थानीय पार्षद और लोगों के भीड़ के पहुंचने पर विवाद बढ़ गया और मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। स्थानीय लोगों ने डाक विभाग के कर्मचारियों पर जमकर अपनी भड़ास निकाली। बाद में किसी तरह लोगों को समझा बुझाकर हंगामा शांत कराया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि उनकी जरूरी चिट्ठियां डाकघर में पड़े-पड़े रद्दी का ढेर हो गईं। डाक विभाग के अफसरों को कई बार शिकायत किये जाने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने डाक घर में जमकर हंगामा काटा।

डाक विभाग के अफसरों ने साधी चुप्पी

डाकघर पहुंचे लोगों ने बोरे में भरी और फर्श पर बिखरी चिट्ठियां देखी तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। स्थानीय निवासी डीडी जोशी ने बताया कि इस डाकघर में एक साल से अव्यवस्था का माहौल है। लोगों की चिट्ठी यहाँ पड़े-पड़े रद्दी के ढेर में बदल जाती है। लोगों के जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। अफसरों को कई बार बताया गया लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि चिट्ठियों का वितरण जल्द शुरू नहीं किया गया तो वे बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। इस मामले में लखनऊ के प्रवर डाक अधीक्षक से बात करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।