पंजाब पुलिस ने सुलझाया सुरेश रैना के चाचा और भाई की हत्या का केस, तीन गिरफ्तार और 11 की तलाश जारी

- यूपी और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पहले भी कई अपराधों को दे चुके अंजाम
- एसआईटी को मंगलवार को डिफेंस रोड पर देखे जाने की मिली थी तीन संदिग्ध की सूचना

By: Neeraj Patel

Published: 16 Sep 2020, 04:32 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
लखनऊ. भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना के चाचा और चचेरे भाई की हत्या के मामला पंजाब पुलिस ने सुलझा दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि मामले में एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। रैना के चाचा अशोक कुमार और चचेरे भाई कौशल कुमार की लुटेरों ने उस वक्त हत्या कर दी थी जब वे 20 अगस्त को पठानकोट से अपने घर लौट रहे थे। इस वारदात के बाद रैन की चाची आशा रानी को एक अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता का कहना है कि आरोपी डाकू के एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा हैं और मामले के 11 अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया जाना बाकी है। सीएम अमरिंदर सिंह का कहना है कि इस वारदात के बाद एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन किया गया था।एसआईटी ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। डीजीपी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के पास से एक सोने की अंगूठी, एक महिलाओं की अंगूठी, एक महिलाओं की सोने की चेन, 1530 रुपए और दो लकड़ी की डंडे बरामद किया गए हैं। उन्होंने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सावन, मुहब्बत और शाहरुख खान के रूप में की है।

पंजाब सरकार ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि 15 सितंबर को एसआईटी को सूचना मिली कि तीन संदिग्ध, जो घटना के बाद सुबह डिफेंस रोड पर देखे गए थे, पठानकोट रेलवे स्टेशन के पास झुग्गियों में रह रहे थे। एक छापा मारा गया गया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वे एक गिरोह के रूप में दूसरों के साथ काम कर रहे थे और उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के विभिन्न हिस्सों में पहले भी कई ऐसे अपराधों को अंजाम दे चुके हैं।

पुलिस ने आरोप लगाया कि आरोपी जगराओं से पठानकोट आए, जहां उन्होंने 14 अगस्त की रात को भी एक डकैती की थी। डीजीपी ने कहा कि 14 अगस्त की वारदात को अंजाम देने के लिए पठानकोट में एक संजू जो इलाके को अच्छी तरह से जानता था वह भी गिरोह में शामिल था। बयान में आगे कहा गया है कि आरोपियों ने पहले ही एक शटरिंग शॉप की पहचान कर ली थी, जहां बांस की सीढ़ी को जंजीरों से बांधकर रखा गया था। पहले दो घर जहां उन्होंने सीढ़ी लगाई थी, एक गोदाम और खाली घर था, जबकि तीसरा अशोक कुमार का था जो सुरेश रैन के चाचा थे। पांच आरोपी छत से सीढ़ी का उपयोग करते हुए घर में घुस गए, जहां उन्होंने तीन लोगों को लेटे हुए देखा। संदिग्धों ने घर में घुसने से पहले उनके सिर पर मारा, जिसके बाद वह घर से सोने का सामना और गहने लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने हाईटेंशन बिजली की तारों को पार करते हुए ओपन फायर भी किया। इसके बाद वह सभी अलग-अलग ग्रुप्स में बंटकर वहां से निकल गए।

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