सरकार में कद घटने से नाराज हैं राजा भइया 

सरकार में कद घटने से नाराज हैं राजा भइया 

राजा भइया के नजदीकी लोगों ने खंडन किया है कि वे किसी भी दल में नहीं जा रहे हैं।

अनिल के अंकुर
लखनऊ. यूपी के कबीना मंत्री राजा भइया इन दिनों नाराज से दिखते हैं। उनकी नाराजगी का आलम यह है कि अब लोग यह भी चर्चा करने लगे हैं कि राजा भइया भाजपा में जा रहे हैं। सोशल साइटों पर इस प्रकार की खबरों की भरमार होने लगी है। वहीं, राजा भइया के नजदीकी लोगों ने खंडन किया है कि वे किसी भी दल में नहीं जा रहे हैं।
 
दरअसल, पिछले दिनों प्रदेश के दबंग मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया को मिले विभाग में भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नाराजगी साफ दिखी। पहले राजा से खाद्य एंव रसद जैसा मजबूत विभाग छीन लिया गया, फिर बगैर विभाग के एक हफ्ते तक बैठाया गया। जब विभाग दिया गया तो उसमें स्टाम्प, न्यायालय शुल्क, पंजीयन, नागरिक सुरक्षा जैसा खाद्य रशद से हल्का समझा जाने वाला विभाग दिया।

एक भी पंचायत अध्यक्ष नहीं जिता पाए
हाल ही में पंचायत चुनाव में प्रदेश में सर्वाधिक 11 जिला पंचायत सदस्य निर्विरोध जिताकर राजा ने क्षेत्र में अपना दबदबा भी दिखाया। राजा भैया ने कुण्डा में मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस नहीं निकलने दिया था। ये शिकायतें मुख्यमंत्री के पास लगातार आ रहीं थी। इससे वे खास नाराज थे, लेकिन वे एक भी पंचायत अध्यक्ष नहीं जिता  पाए। इसके अलावा प्रदेश में दालों की बढ़ी कीमतों के बाद भी कालाबाजारी करने वालों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई न करने की बात सामने आई। प्रदेश में समय से खाद्य सुरक्षा कानून न लागू करने को लेकर भी मुख्यमंत्री राजा से नाराज थे।

जियाउल हक मर्डर केस में नाम आने पर गई थी कुर्सी
सपा सरकार के इसी कार्यकाल में जब राजा मंत्री बनाए गए तो उन्हें खाद्य रशद के साथ कारागार विभाग भी दिया गया था। इसी दौरान राजा के विधानसभा क्षेत्र कुंडा में डिप्टी एसपी जियाउल हक की हत्या में उनका नाम आया। इसके बाद सरकार पर बढ़े दबाव के कारण राजा से मंत्री पद छीन लिया गया।

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